देश में खरीफ फसलों का सीजन चल रहा है और अधिकांश क्षेत्रों में बुवाई पूरी हो चुकी है। अब फसलों की सिंचाई का काम जारी है। इस दौरान किसानों को सिंचाई की सुविधा देने के लिए सोलर पंप पर सब्सिडी (Subsidy on solar pump) प्रदान की जा रही है। सोलर पंप की मदद से किसान अपने खेतों की सिंचाई किसी भी समय और बेहद कम लागत पर कर सकते हैं। इसके उपयोग से बिजली का बिल आधा हो जाएगा और अतिरिक्त आय भी संभव होगी।
राज्य सरकार द्वारा सोलर पंप पर 90 से 100 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। राज्य के किसान जो सोलर पंप पर सब्सिडी प्राप्त करना चाहते हैं, वे प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) के घटक सी-1 योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं और राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।
सोलर पंप पर 100 प्रतिशत सब्सिडी किसे मिलेगी
राज्य में निजी ऑन-ग्रिड सोलर पंप लगाने के लिए केंद्र सरकार 30 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार 70 प्रतिशत अनुदान दे रही है, जिससे कुल मिलाकर सोलर पंप पर 100 प्रतिशत सब्सिडी प्राप्त हो रही है। यह पूरी सब्सिडी अनुसूचित जनजाति, वनटंगिया और मुसहर जाति के किसानों को दी जाएगी।
अन्य श्रेणी के किसानों को केंद्र सरकार की सब्सिडी के अलावा राज्य सरकार द्वारा 60 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी, जिससे उन्हें कुल 90 प्रतिशत सब्सिडी प्राप्त होगी। ऐसे किसानों को केवल 10 प्रतिशत राशि ही अपनी जेब से लगाना जरुरी है ।
किस एचपी के सोलर पंप पर कितनी सब्सिडी मिलेगी
पीएम कुसुम योजना के घटक सी-1 योजना के तहत, वर्ष 2024-25 के लिए राज्य में 3 एचपी से लेकर 7.5 एचपी तक के 4,000 निजी मीटर्ड ऑन-ग्रिड सोलर पंपों के सोलराइजेशन का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत सब्सिडी एचपी के हिसाब से इस प्रकार प्रदान की जाएगी:
3 एचपी के सोलर पंप पर सब्सिडी
3 एचपी के सोलर पंप के लिए किसानों को 4.5 किलोवॉट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाना होगा। कुल लागत 2,65,439 रुपये है।इसमें केंद्र सरकार 30 प्रतिशत सब्सिडी (79,683 रुपये) और राज्य सरकार 60 प्रतिशत सब्सिडी (1,59,263 रुपये) प्रदान करेगी। इस प्रकार, 3 एचपी के सोलर पंप पर किसानों को कुल 90 प्रतिशत सब्सिडी, यानी 2,38,895 रुपये प्राप्त होगी। किसानों को केवल 10 प्रतिशत, जो कि 26,544 रुपये है, अपनी जेब से खर्च करना होगा।
5 एचपी के सोलर पंप पर अनुदान
यदि किसान 5 एचपी का सोलर पंप लगाना चाहते हैं, तो उन्हें 7.5 किलोवॉट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित करना होगा, जिसकी कुल लागत 4,26,750 रुपये होगी। इसमें से केंद्र सरकार 30 प्रतिशत यानी 1,28,025 रुपये की सब्सिडी प्रदान करेगी, और राज्य सरकार 60 प्रतिशत यानी 2,56,050 रुपये का अनुदान देगी। इस प्रकार, कुल मिलाकर 90 प्रतिशत सब्सिडी के तहत 3,84,075 रुपये का अनुदान मिलेगा। किसानों को शेष 10 प्रतिशत राशि, जो कि 42,675 रुपये है, अपनी जेब से देना होगा।
7.5 एचपी के सोलर पंप पर अनुदान
7.5 एचपी का सोलर पंप लगवाने के लिए 11.2 किलोवॉट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाना होगा, जिसकी कुल लागत 6,23,909 रुपये है। इसमें से केंद्र सरकार 30 प्रतिशत यानी 1,87,173 रुपये की सब्सिडी देगी, जबकि राज्य सरकार 60 प्रतिशत यानी 3,74,345 रुपये का अनुदान प्रदान करेगी। इस प्रकार, कुल 90 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में 5,61,518 रुपये का अनुदान मिलेगा। किसानों को बची हुई 10 प्रतिशत राशि, जो कि 62,391 रुपये है, अपनी जेब से चुकानी होगी।
सोलर पंप पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आवेदन कैसे करें
यूपी के किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए आवेदन करने के लिए सबसे पहले कृषि विभाग उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद, सोलर पंप के लिए अनुदान की बुकिंग करनी होगी। 5,000 रुपये की टोकन मनी जमा करनी होगी। आवेदन और 10 प्रतिशत कृषक अंशदान को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरा करना होगा। किसानों का चयन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिले के कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

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