गेहूं की बुवाई: कंबाइन हार्वेस्टर पर पाएं ₹11 लाख तक की सब्सिडी, कटाई आसान!
कृषि यंत्रीकरण योजना पर उप मिशन: किसानों को गेहूं की कटाई के लिए कंबाइन हार्वेस्टर मशीनों पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। जानें कि इस योजना के लिए कौन पात्र है, इसके लिए आवेदन कैसे करें, आवश्यक दस्तावेज और कीमत का विवरण।
कंबाइन हार्वेस्टर पर केंद्र की सब्सिडी योजना शुरू
इस लेख के लिखे जाने के समय, रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की कटाई पूरे देश में चल रही है। अपने खेतों में कड़ी मेहनत करने वाले किसानों की मदद के लिए, सरकार ने किफायती दरों पर आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। आपको हार्वेस्टर आसानी से नहीं मिल जाता, कंबाइन हार्वेस्टर गेहूं जैसी फसलों की कटाई के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है और सरकार अब इसे खरीदना आसान बनाने के लिए आपको सब्सिडी दे रही है। किसान इस सब्सिडी का लाभ उठाकर कम कीमत पर महंगी मशीनें खरीद सकते हैं, जिससे समय, श्रम की बचत होगी और कुल लागत में कमी आएगी।
कंबाइन हार्वेस्टर क्या है?
कंबाइन हार्वेस्टर एक कृषि मशीन है जो एक साथ कटाई, थ्रेसिंग (अनाज को भूसे से अलग करना) और अनाज का संग्रह (भंडारण) करती है। यह गेहूं, जौ, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों के लिए विशेष रूप से प्रभावी है। किसानों को इस मशीन से बहुत लाभ होता है क्योंकि यह समय, श्रम और धन की काफी बचत करती है। यही कारण है कि सरकार इस पर सब्सिडी दे रही है।
किस योजना के तहत सब्सिडी दी जाती है?
केंद्र सरकार कृषि यंत्रीकरण उप मिशन (SMAM) योजना के तहत कंबाइन हार्वेस्टर पर सब्सिडी प्रदान करती है। यह विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों, अनुसूचित जाति के किसानों, अनुसूचित जनजाति के किसानों, महिला किसानों और अन्य को मशीन खरीद के लिए सब्सिडी के साथ सहायता करती है।
अनुसूचित जाति/जनजाति, महिलाओं और छोटे/सीमांत किसानों के लिए 50% या ₹11 लाख, जो भी कम हो, की सब्सिडी उपलब्ध है।
सामान्य श्रेणी के किसानों को 40% या ₹8.80 लाख, जो भी कम हो, की सब्सिडी मिलती है।
आवश्यक दस्तावेज:
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- भूमि स्वामित्व के दस्तावेज
- बैंक पासबुक की कॉपी
- आपके आधार से मोबाइल नंबर जुड़ा हुआ होना चाहिए।
- पासपोर्ट साइज फोटो
कैसे करें आवेदन?
किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए https://agrimachinery.nic.in/ पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मशीन को कृषि विभाग से पंजीकृत डीलर से खरीदना होगा, जिसके बाद सब्सिडी दी जाएगी।
कंबाइन हार्वेस्टर का मूल्य बाजार में 5.35 लाख से 26.70 लाख रुपये के बीच है। सब्सिडी का मूल्य मशीन की मूल लागत पर निर्धारित होता है। किसान को मशीन पर जीएसटी अलग से देना होगा।
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