मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड और गुजरात जैसे कई राज्यों में सरसों की थोक कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित एग्मार्कनेट पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, मार्च की शुरुआत में सरसों की थोक कीमतों (Mustard Prices) में महीने-दर-महीने औसत वृद्धि देखी गई।
मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड और गुजरात जैसे कई राज्यों में सरसों की थोक कीमतें बढ़ीं। राजस्थान में, कीमतें फरवरी में 4,738 रुपये से मार्च में 4,739 रुपये प्रति क्विंटल पर काफी हद तक अपरिवर्तित रहीं।
मार्च माह में उत्तर प्रदेश में सरसों के मूल्यों में फरवरी के 5,183 रुपये प्रति क्विंटल से 5,057 रुपये प्रति क्विंटल की कमी आई है। इसके बाद महाराष्ट्र में 9.65% की कमी के साथ 5,858 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। हरियाणा में थोक कीमतें 0.9% की मामूली कमी के साथ 4,746 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। पश्चिम बंगाल में कीमतें 0.16% की कमी के साथ 5,608 रुपये पर आ गई हैं।
महीने-दर-महीने औसत थोक कीमतें 38.22 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर 5,430.4 रुपये हो गई हैं। सरसों एक रबी फसल है जो अक्टूबर-नवंबर में बोई जाती है और फरवरी-मार्च में काटी जाती है।
जिन व्यक्तियों को अपने संबंधित राज्य के बाजारों में विभिन्न फसलों की कीमतों की खोज में रुचि है, उनके लिए आधिकारिक वेबसाइट agmarknet.gov.in एक महत्वपूर्ण संसाधन है। यहाँ विभिन्न फसलों की कीमत की गतिशीलता और उनकी गुणवत्ता का आकलन किया जा सकता है, जो किसानों और व्यापारियों के लिए बाजार के उतार-चढ़ाव को समझने में महत्वपूर्ण है।

अधिक जानकारी के लिए डाउनलोड कीजिए खेतिगाडी ऍप.
