सरकार गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित करने पर ध्यान दे रही है। इसके तहत युवाओं और उद्यमियों को सब्सिडी पर सस्ती दरों पर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में केंद्रीय कृषि एवं कृषि कल्याण मंत्रालय के वित्तीय सहयोग से एग्री बिजनेस शुरू करने के लिए सरकारी अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस एबिक सेंटर के माध्यम से युवा छात्र, किसान, महिलाएं और उद्यमी मार्केटिंग, नेटवर्किंग, लाइसेंसिंग, ट्रेडमार्क, पेटेंट, तकनीकी और फंडिंग से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं, जिससे वे कृषि क्षेत्र में अपने स्टार्टअप को नया आयाम दे सकें। इसके लिए छात्र कल्याण प्रोग्राम, पहल और सफल 2024 नामक तीन कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
बिजनेस शुरू करने के लिए कितनी सब्सिडी मिलेगी:
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में केंद्रीय कृषि एवं कृषि कल्याण मंत्रालय के वित्तीय सहयोग से स्थापित एग्रीबिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर (एबिक) के माध्यम से कृषि व्यवसाय शुरू करने के लिए 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। यह सब्सिडी राशि एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत एबिक, एचएयू द्वारा प्रदान की जाएगी।
योजना में कौन कर सकता है आवेदन:
छात्र कल्याण प्रोग्राम के तहत केवल छात्र आवेदन कर सकते हैं। चयनित छात्रों को एक महीने का प्रशिक्षण और 4 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा। पहल प्रोग्राम के अंतर्गत चयनित उम्मीदवार को एक महीने का प्रशिक्षण और 5 लाख रुपये तक की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, सफल प्रोग्राम के तहत चयनित उम्मीदवार को एक महीने का प्रशिक्षण और 25 लाख रुपये तक की अनुदान राशि देने का प्रावधान है, जो दो किश्तों में दी जाएगी। गौरतलब है कि पिछले पांच वर्षों में केंद्रीय कृषि एवं कृषि कल्याण मंत्रालय द्वारा 65 स्टार्टअप्स को लगभग 7 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है।
एग्री बिजनेस शुरू करने के लिए आवेदन करने के लिए यहाँ जाएं:
जो व्यक्ति भारत सरकार और विश्वविद्यालय की इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, वे विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://hau.ac.in/ पर जाकर 10 सितंबर 2024 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, प्रशिक्षित युवा स्वरोजगार के साथ-साथ दूसरों को भी रोजगार प्रदान कर सकते हैं। इस सेंटर के माध्यम से स्टार्टअप्स देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भारत सरकार ने महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान राशि का प्रावधान भी किया है।
योजना से संबंधित महत्वपूर्ण लिंक-
योजना की आधिकारिक वेबसाइट- https://hau.ac.in/
आवेदन के लिए डायरेक्ट लिंक- https://ccshau.accubate.app/ext/form/2381/1/apply
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़:
आवेदक का आधार कार्ड
आवेदक का राशन कार्ड
बैंक खाता विवरण और बैंक पासबुक की प्रति
आवेदक की दो पासपोर्ट साइज फोटो
इस योजना का मुख्य उद्देश्य कमजोर वर्ग के किसानों को मिनीकिट के माध्यम से बीज उपलब्ध कराना है। इसके तहत नई किस्म और 10 साल से कम अवधि की किस्मों का वितरण किया जाता है।मिनीकिट वितरण योजना के अंतर्गत, प्राथमिकता अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले और गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले किसान परिवारों को दी जाती है। इस योजना में महिला किसानों को भी प्राथमिकता दी जाती है और एक महिला को साल में अधिकतम 3 मिनीकिट प्रदान किए जा सकते हैं। एक ही किसान परिवार की अलग-अलग महिला सदस्यों के नाम पर मिनीकिट नहीं दिया जाता है। फ्री मिनीकिट वितरण योजना के तहत, उन किसानों को प्राथमिकता दी जाती है जिनके पास खेती के लिए सिंचाई की सुविधा हो।

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