मिनी ट्रैक्टर योजना: मिनी ट्रैक्टर, रोटावेटर, कल्टीवेटर और ट्रेलर पर मिलेगी 90 प्रतिशत सब्सिडी।
होली से पहले देश के लाखों किसानों के लिए खुशखबरी है। छोटे और सीमांत किसानों की खेती को आसान बनाने की योजना से 35 हजार रुपए में मिनी ट्रैक्टर और सहायक उपकरण मिल सकते हैं। कमजोर वर्ग के किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो इस योजना में सबसे अलग है। इसका अर्थ है कि कमजोर वर्ग के किसानों को अधिक प्राथमिकता दी जाएगी। भारत में ट्रैक्टर सब्सिडी योजना के तहत हर साल किसानों को ट्रैक्टर पर सब्सिडी दी जाती है, लेकिन इस छोटे से ट्रैक्टर योजना से किसानों को पहले कभी कोई लाभ नहीं मिला है। हर साल किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हैं। ऐसे में योजना जल्द ही शुरू होगी।
ट्रैक्टर सब्सिडी योजना 2024: इस योजना में सबसे पहले लाभ मिलने वाला इन किसान परिवारों को होगा। खेती में छोटे किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका को सरकार ने स्वीकार किया है और इसके लिए गरीब किसानों को ट्रैक्टर का मालिक बनाने की योजना शुरू की है। यह योजना छोटे किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर मिनी ट्रैक्टर और सहायक कृषि उपकरण उपलब्ध कराएगी। किसानों को सिर्फ 35 हजार रुपए खुद का खर्च करना होगा, बाकी राशि सरकार द्वारा दी जाएगी। इस योजना का प्राथमिक लाभ महाराष्ट्र राज्य के किसान परिवारों को मिलेगा। यहाँ के अधिकांश किसान गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं और उन्हें खेती के कामों को पूरा करने के लिए साहूकारों से कर्ज लेना पड़ता है।सरकार ने अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कई योजनाओं को लागू किया है। अब महाराष्ट्र समाज कल्याण विभाग ने मिनी ट्रैक्टर योजना शुरू की है। अनुसूचित जाति के स्वयं सहायता समूहों और नव बौद्ध समूहों को इस योजना के तहत 90 प्रतिशत सब्सिडी पर मिनी ट्रैक्टर और सहायक कृषि उपकरण मिलेंगे। सरकार द्वारा 3 लाख 15 हजार रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी और स्वयं सहायता समूहों को केवल 10 प्रतिशत राशि जमा करानी होगी, जो केवल 35 हजार रुपए होगी।
न्यूनतम ट्रैक्टर सहायता योजना: ये भी उपकरण होंगे उपलब्ध:
महाराष्ट्र की मिनी ट्रैक्टर योजना किसानों को मिनी ट्रैक्टर और सहायक उपकरण प्रदान करेगी, जिनकी सूची निम्नलिखित है:
- ट्रेलर
- कल्टीवेटर
- रोटावेटर
मिनी ट्रैक्टर योजना के लिए पात्रता शर्तें:
महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति और नव-बौद्ध समूहों के स्वयं सहायता समूहों ने मिनी ट्रैक्टर और उसके उपकरणों की खरीद के लिए एक योजना बनाई है। योजना का लाभ लेने के लिए योग्य होने के लिए निम्नलिखित योग्यता शर्तों को पूरा करना चाहिए:
- महाराष्ट्र राज्य के निवासियों के लिए, स्वयं सहायता समूह के सदस्य बनने के लिए अनुसूचित जाति या नवबौद्ध समुदाय का होना आवश्यक है।
- समूह के 80 प्रतिशत सदस्यों को भी इन समुदायों से होना चाहिए।
- इसके साथ ही, समूह के अध्यक्ष और सचिव का चयन भी अनुसूचित जाति वर्ग से ही होना चाहिए।
- ट्रैक्टर और उसके सहायक उपकरण की खरीद के लिए 3.15 लाख रुपए की सब्सिडी प्राप्त की जा सकती है।
- अगर निर्धारित लक्ष्य से अधिक वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है, तो स्वयं सहायता समूहों का चयन लॉटरी द्वारा किया जाएगा।
चयन प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
सबसे पहले आवेदक को विभाग की वेबसाइट पर पूर्ण और सटीक जानकारी भरकर ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करना होगा। यदि आवेदन सही है, तो सभी सदस्यों के हस्ताक्षरों से प्रमाणित किया गया सारांश ऑनलाइन जमा करना होगा। अगर लक्ष्य से अधिक आवेदन आते हैं, तो लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। चयन होने के बाद, बिल की रसीद जमा करनी होगी और खरीदी गई सामग्री और वाहन की रसीद भी ऑनलाइन जमा करानी होगी। जमा रसीद में विक्रेता का जीएसटी नंबर, खरीद की तारीख, वाहन चेकिस नंबर, उपकरण क्रमांक आदि का विस्तृत विवरण दर्ज होना चाहिए। इसके अलावा, क्रय की मूल रसीद को सहायक आयुक्त समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में जमा करना होगा।
योजना के अनुसार, लाभार्थियों को खरीदे गए वाहनों के लिए आरटीओ के माध्यम से वाहन लाइसेंस ऑनलाइन जमा कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, वाहन लाइसेंस की मूल प्रति को सहायक साथ ही, आयुक्त को समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में उपस्थित होना होगा।
मिनी ट्रैक्टर सब्सिडी योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों में शामिल हैं:
- आधार कार्ड
- वोटर आईडी
- बैंक पासबुक की फोटो कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र
- समूह सदस्यों का प्रमाणपत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
मिनी ट्रैक्टर पर सब्सिडी के लिए आवेदन करने के लिए किसानों को वेबसाइट https://mini.mahasamajkalyan.in पर जाकर आवेदन की स्थिति की जाँच करनी होगी। हर साल नए लक्ष्यों के साथ आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाती है। यहाँ पर योजना के विस्तृत जानकारी भी https://sjsa.maharashtra.gov.in/mr पर उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त, आवेदन करने के इच्छुक किसान संबंधित जिले के सहायक आयुक्त समाज कल्याण से संपर्क कर सकते हैं।

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