चीनी उत्पादन : इस वर्ष देश में चीनी उत्पादन में कमी आई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक देश में चीनी के उत्पादन में छह प्रतिशत की कमी आई है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) ने इसकी जानकारी दी है। 15 अप्रैल तक देश में चीनी का उत्पादन छह फीसदी घटकर 3 करोड़ 11 लाख टन रह गया है।
महाराष्ट्र के साथ कर्नाटक में चीनी का उत्पादन कम है
महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक राज्य है। महाराष्ट्र में हर साल बड़े पैमाने पर गन्ने की छंटाई की जाती है। हालांकि, इस साल चीनी उत्पादन में बड़ी गिरावट आई है। पिछले सीजन में महाराष्ट्र में 1 करोड़ 26.5 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ था। इस साल यह 1.5 करोड़ टन पर आ गया है। इस साल बड़ी कमी आई है। जबकि कर्नाटक में चीनी का उत्पादन 58 लाख टन से घटकर 55.3 लाख टन रह गया है।
यानी इन दोनों प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यो में भारी गिरावट है।
उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन में वृद्धि
इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश चीनी उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। पिछले सीजन में उत्तर प्रदेश में 94.4 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। इस बार एक अक्टूबर 2022 से 15 अप्रैल 2023 तक 96.6 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में चीनी उत्पादन घटा है, लेकिन उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन बढ़ा है।
इस साल उत्पादन में 18 लाख टन की कमी आएगी
इस्मा ने अनुमान लगाया है कि देश में इस साल 34 लाख टन चीनी का उत्पादन हो सकता है। पिछले साल चीनी का उत्पादन 35.8 लाख टन था। चीनी उत्पादन में गिरावट भारत के लिए चिंता का विषय है। ब्राजील के बाद भारत विश्व का दूसरा चीनी उत्पादक देश है। इस वर्ष बदलते परिवेश का असर गन्ना उत्पादन पर भी पड़ा है। लंबे समय तक बारिश के कारण गन्ने की बढ़वार पूरी नहीं हो सकी। इससे गन्ने का उत्पादन घटा है। इससे चीनी का उत्पादन प्रभावित हुआ है।
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