कोंकण समेत मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ में आज बारिश की चेतावनी, कुछ जगहों पर ओलावृष्टि का अनुमान
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कोंकण समेत मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ में आज बारिश की चेतावनी, कुछ जगहों पर ओलावृष्टि का अनुमान

महाराष्ट्र हवामान: राज्य के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश हो रही है। इसका असर कृषि फसलों पर पड़ रहा है। इस बीच मौसम विभाग द्वारा दिए गए पूर्वानुमान के मुताबिक आज राज्य में बेमौसम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के साथ-साथ कोंकण में आज बिजली गिरने के साथ बारिश की भविष्यवाणी की गई है। मौसम विभाग ने कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

इस बीच मौसम विभाग द्वारा दिए गए पूर्वानुमान के अनुसार आज (13 अप्रैल) राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बेमौसम बारिश बढ़ने की संभावना है। जबकि 13 से 15 अप्रैल के बीच कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी संभावना है। विदर्भ में कुछ जगहों पर बारिश की भविष्यवाणी की गई है। मुंबई में आज कुछ जगहों पर बेमौसम बारिश की संभावना जताई गई है। आधी रात में, मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में भारी बारिश हुई। इस बारिश से कुछ जगहों पर पेड़ भी गिरे हैं। कुछ जगहों पर घरों पर लगे पत्रों को भी उड़ा दिया गया है।

कृषि फसलों को तगड़ा झटका लगा है।

बेमौसम बारिश ने किसानों को तगड़ा झटका दिया है। मराठवाड़ा, उत्तरी महाराष्ट्र विदर्भ और पश्चिमी महाराष्ट्र के कुछ जिलों में बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। केला, आम, संतरा, अंगूर के बागों को काफी नुकसान हुआ है। रबी सीजन की गेहूं, चना, ज्वार और प्याज की फसल को भी तगड़ा झटका लगा है। सब्जियों की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान नासिक जिले में प्याज की फसल को हुआ है। इस बारिश से कटी हुई प्याज मौके पर ही सड़ रही है।

नासिक जिले में प्याज की फसल को तगड़ा झटका लगा है। 

नासिक जिले में पिछले चार से पांच दिनों से बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। इससे जिले के 11 तालुकों के सतना, मालेगांव, नंदगांव, निफाड़, डिंडोरी के गांवों पर अक्षरश: लगाम लग गई है। इस क्षेत्र के करीब 145 गांवों का 8468 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान प्याज को हुआ है। इस नुकसान से किसानों के आंसू छलक पड़े हैं। जहां फटे आसमान में आंसू कहां रखूं? किसानों के सामने यह सवाल है। बेमौसम बारिश से नासिक जिले में प्याज का 5814 हेक्टर रकबा प्रभावित हुआ है। 773 हेक्टर अनार, 755 हेक्टर अंगूर के बागों को नुकसान पहुंचा है। अन्य फसलें नष्ट हो गई हैं। नुकसान से नासिक जिले के किसान अब मेटाकुटी आ गए हैं।

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