किसानों के लिए मिनी ट्रैक्टर पर ₹3.15 लाख सब्सिडी!
मिनी ट्रैक्टर सब्सिडी:- ट्रैक्टर एक महत्वपूर्ण उपकरण है जिसकी किसानों को खेती के लिए आवश्यकता होती है। हालाँकि, साधारण और गरीब किसान ट्रैक्टर खरीदने में सक्षम नहीं हैं। किसान, विशेषकर अनुसूचित जाति और नव-बौद्ध समुदायों के किसान, आर्थिक रूप से पिछड़े हैं और खेती के लिए आवश्यक मशीनरी से वंचित हैं।
इस संदर्भ में सामाजिक न्याय विभाग द्वारा मिनी ट्रैक्टरों के लिए विशेष सब्सिडी योजना क्रियान्वित की जा रही है, जो अनुसूचित जातियों और नव-बौद्ध समुदायों के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए उपयोगी है।
इस योजना के अंतर्गत उपलब्ध अनुदान
किसान समूहों को इस योजना के तहत मिनी ट्रैक्टर खरीदने के लिए लगभग 3 लाख 15 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह राशि समूह के नाम से सीधे ट्रैक्टर विक्रेता को भुगतान की जाती है। हालांकि, इस योजना का लाभ लेने के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त है, और वह यह है कि स्वयं सहायता समूह के कम से कम 80 प्रतिशत सदस्य अनुसूचित जाति या नवबौद्ध समुदाय से होने चाहिए।
इन समूहों के लोग सामूहिक रूप से ट्रैक्टरों का उपयोग करके खेती में मदद कर सकते हैं। इससे कार्य के घंटे कम हो जाते हैं, उत्पादकता बढ़ जाती है, तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।
हर साल गढ़चिरौली जिले में कई स्वयं सहायता समूह इस योजना का लाभ उठाते हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में जिले में 72 ऐसे समूहों को मिनी ट्रैक्टर के लिए अनुदान मिला था। इससे पता चलता है कि यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है बल्कि व्यवहार में भी लागू की जा रही है।
आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज
इस योजना के लिए आवेदन करते समय कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसमें बचत समूह का पंजीकरण प्रमाण पत्र, राष्ट्रीयकृत बैंक में खाते की पासबुक, सभी सदस्यों की फोटो सहित नामांकन सूची (बैंक द्वारा प्रमाणित) शामिल है।
80 प्रतिशत सदस्यों का जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र या स्वघोषणा पत्र, सभी सदस्यों का आधार कार्ड व राशन कार्ड, स्वयं सहायता समूह स्थापित करने का संकल्प, मिनी ट्रैक्टर प्राप्त करने के लिए सभी सदस्यों का सामूहिक संकल्प तथा समूह की बैठक का सामूहिक फोटोग्राफ अनिवार्य है।
इस योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना और कृषि के आधुनिकीकरण की दिशा में एक कदम बढ़ाना है। मिनी ट्रैक्टर का उपयोग न केवल अपनी खेती के लिए किया जा सकता है, बल्कि अन्य किसानों को सेवाएं प्रदान करके अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए भी किया जा सकता है। यदि समूह के सदस्य सामूहिक रूप से इस ट्रैक्टर का उपयोग करने का निर्णय लेते हैं, तो यह एक प्रभावी आर्थिक उपकरण हो सकता है।
सामाजिक न्याय विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. सचिन मडावी ने भी स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल दस्तावेजी लाभ देने के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक उपयोग के लिए बनाई गई है। उन्होंने किसान समूहों से भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने कृषि कार्य में प्रगति लाने की अपील की है।
खेतीगाड़ी के व्हाट्सएप चैनल से जुड़े रहें और खेती के नवाचारों और सरकारी योजनाओं की ताजा जानकारी पाएं। अधिक जानकारी और मार्गदर्शन के लिए KhetiGaadi पर विजिट करें।
किसानों के लिए मार्गदर्शन और कृषि योजनाओं के अपडेट के लिए KhetiGaadi से संपर्क करें:
फोन: 07875114466
ईमेल: connect@khetigaadi.com
