जैविक खेती के लिए केंद्र सरकार की तरफ से हुई बड़ी पहल, किसानों को प्रोत्साहित कर रही सरकार

जैविक खेती के लिए केंद्र सरकार की तरफ से हुई बड़ी पहल, किसानों को प्रोत्साहित कर रही सरकार

किसान अच्छी फसल के लिए विभिन्न प्रकार के कीटनाशकों का प्रयोग कर रही है जिससे फसल को कीटों और रोगो से बचाया जा सके। लेकिन इसके अधिक प्रयोग से सेहत पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता है। इसका बुरा प्रभाव बड़ी बड़ी बीमारियों का कारण बनता जा रहा है। सरकार जहाँ एक तरफ विभिन्न योजनाओं के जरिये किसानों की आर्थिक मदद कर रही है वही कीटनाशकों के ज़्यादा प्रयोग से सरकार की चिंता बढ़ते जा रही है।

सरकार जैविक खेती के लिए किसानों को काफी जोर दे रही है, तो क्या ये जैविक खेती किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, आइयें जानते हैं कैसे :

जैविक खेती को बढ़ावा केंद्र सरकार द्वारा पहल की जा रही है। इस संबोधन में कृषि मंत्री – कमल पटेल का कहना है कि, लगातार कीटनाशकों के प्रयोग से लोगों में बाधित बीमारी जैसे कैंसर के मरीजों कि संख्या से सरकार कि चिंताजनक है। इसके लिए नरेंद्र मोदी किसानों से सवाद करेंगे एवं जैविक खेती के लिए प्रेरित करेंगे। खेती में जिस तरह से पेस्टिसाइड का इस्तेमाल हो रहा है उससे खेती की जमीन भी जहरीली होती जा रही है। जिसके तहत लोगों में रोगों कि संख्या बढ़ते नज़र आ रही है।

जैविक खेती के आधार पर भावी पीढ़ी को सब्जियां, फल, अनाज बिना किसी मिलावट के प्राकृतिक रूप के आधार पर मिल सकेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात से १६ दिसंबर को संबोधित करेंगे, जिसमे वे जैविक खेती के बारे में किसानों को प्रोत्साहित करेंगे।

कृषि मंत्री पटेल ने बताया कि मध्य प्रदेश के जिन जिलों में जनजातियों खेती करती हैं उनमें अभी पेस्टिसाइड का इस्तेमाल नहीं होता है। उनके उत्पाद पूरी तरह जैविक है। जिसके प्रमाणीकरण की प्रक्रिया की जा रही है। इसके लिए मध्य प्रदेश में एपिडा का कार्यालय खोला गया है। जैविक प्रमाणीकरण होने के बाद वनवासी जिलों की उपज को बेहतर भाव मिल सकेगा जिससे निर्यात करना आसान हो जाएगा और किसानों को अपनी उपज का अधिक दाम मिल सकेगा।

Leave a Reply