किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। इसके अंतर्गत किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी प्रदान की जाती है, ताकि वे खेती के कार्य को सुगमता से पूरा कर सकें। इसी दिशा में, राज्य सरकार पपीते और केले की खेती पर विशेष ध्यान दे रही है। किसानों को पपीते और केले की खेती के लिए सब्सिडी दी जा रही है, साथ ही इसके लिए आवश्यक ट्रेनिंग भी मुहैया कराई जा रही है। इस योजना के तहत, किसान पपीते और केले की खेती के लिए अनुदान प्राप्त कर सकते हैं, जिससे प्रदेश में इन फसलों को प्रोत्साहित किया जा सके।
पपीते और केले की खेती के लिए मिलने वाली सब्सिडी की राशि
राज्य सरकार पपीते और केले की खेती के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करेगी। केले की खेती के लिए सब्सिडी दो किश्तों में दी जाएगी: पहले वर्ष में 46,875 रुपए और दूसरे वर्ष में 15,625 रुपए। इस योजना के तहत न्यूनतम 0.25 एकड़ और अधिकतम 10 एकड़ (4 हेक्टेयर) तक की भूमि पर लाभ दिया जाएगा। पपीते की खेती के लिए सब्सिडी में पहले वर्ष में 33,750 रुपए और दूसरे वर्ष में 11,250 रुपए प्रदान किए जाते है।
इस योजना के तहत सब्सिडी के लिए निम्नलिखित लोग आवेदन कर सकते हैं:
- केले की खेती: इस योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित 15 जिलों के किसान आवेदन कर सकते हैं:
अरवल,भोजपुर,बक्सर, गोपालगंज ,जहानाबाद, बक्सर ,गोपालगंज ,कैमूर ,लखीसराय ,लखीसराय, मधेपुरा, नवादा, सारण,शिवहर,सीतामढ़ी,सीवान सुपौल, शेखपुरा
- पपीते की खेती: इस योजना के अंतर्गत सभी जिलों के किसान सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- योजना का लाभ:
रैयत किसान: वे किसान जो अपनी स्वयं की भूमि पर खेती करते हैं।
गैर रैयत किसान: वे किसान जो रैयत किसान की भूमि पर खेती करते हैं।
यह योजना का लाभ रैयत और गैर रैयत दोनों प्रकार के किसानों को मिल जाएगा।
किसानों को मिलेगा केले और पपीते की खेती की प्रशिक्षण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य सरकार किसानों को केले और पपीते की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उद्यान विभाग के माध्यम से किसानों का चयन किया जाएगा और चयनित किसानों को उचित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे केले और पपीते की खेती को बेहतर तरीके से कर सकें और अधिक लाभ प्राप्त कर सकें। इसके अतिरिक्त, सलाहकार समय-समय पर खेतों का दौरा करेंगे और किसानों को बेहतर पैदावार के लिए सुझाव देंगे। गोपालगंज जिले में ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत पपीते की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, साथ ही केले की खेती को भी विभाग द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है।
योजना के तहत आवश्यक दस्तावेज
यदि आप बिहार के किसान हैं और मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के तहत केले और पपीते की खेती पर सब्सिडी के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी:
- भूमि का एलपीसी (लैंड पोस्सेशन सर्टिफिकेट) प्रमाणपत्र
- नवीनतम भूमि रसीद
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक खाता विवरण
- आधार कार्ड
ये दस्तावेज़ आवेदन प्रक्रिया के लिए आवश्यक हैं और आपकी पात्रता सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।
केला और पपीते की खेती पर सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करें-
बिहार राज्य के किसान केले और पपीते की खेती पर सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जा सकती है:
- पंजीकरण: सबसे पहले, जिन किसानों के पास किसान पंजीकरण संख्या नहीं है, उन्हें बिहार कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कराना होगा और पंजीकरण संख्या प्राप्त करनी होगी।
- ऑनलाइन आवेदन: किसानों को सब्सिडी आवेदन करने के लिए उद्यान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/Home.aspx पर जाना जरुरी है ।
- संपर्क जानकारी:
इस प्रक्रिया के माध्यम से आप आसानी से सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं और आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

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