गेहूँ पर बंपर MSP का वादा! इस बार गेहूं का एमएसपी 2600 रुपये प्रति क्विंटल होगा,किसानों को मिलेगा फायदा!
गेहूं किसानों के लिए खुशखबरी है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत घोषणा की कि आने वाले सीजन में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2600 रुपये प्रति क्विंटल होगा और अगले सीजन में इसे बढ़ाकर 2700 रुपये प्रति क्विंटल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह बयान 10 फरवरी को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत एक कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान दिया।
इस दिन मुख्यमंत्री ने एक क्लिक में राज्य के 81 लाख किसानों के बैंक खातों में 1624 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए। यह राशि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 11वीं किस्त के जरिए दी गई
गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) क्या है?
केंद्र सरकार ने 2025 में गेहूं का एमएसपी 2425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है जो पिछले साल से 150 रुपये ज्यादा है। लेकिन जैसा कि प्रधानमंत्री की घोषणा से देखा जा सकता है कि अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि मध्य प्रदेश के किसानों को इस साल गेहूं बेचने पर बोनस मिलेगा या नहीं या अगले सीजन में इस प्लांट का एमएसपी बढ़ाकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा। अगर मध्य प्रदेश सरकार इस साल 2600 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का फैसला करती है तो किसानों को जूलिया लैंड के 150 रुपये से 175 रुपये अधिक दिए जाने चाहिए। इससे उन्हें काफी फर्क पड़ेगा।
सिंचाई के लिए हर खेत को पानी मिलेगा
मध्य प्रदेश में एमएसपी पर गेहूं खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन जारी है उपलब्ध जानकारी के अनुसार आज राज्य के कुल 62,077 किसानों ने अपना गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है अगर सरकार इस सीजन में 2,600 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदती है तो इसका फायदा सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में बैठे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनकी सरकार हर खेत तक पानी और बिजली पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नदी जोड़ो परियोजना की परिकल्पना की थी और अब यह परियोजना साकार होने के लिए प्रदेश में आई है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना
प्रधानमंत्री ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए 100 अरब रुपये की धनराशि आवंटित की है, जिससे बुंदेलखंड बंजर भूमि की जगह झरनों के पानी जैसी समृद्ध भूमि में तब्दील हो जाएगा। इसके साथ ही 70 अरब रुपये की पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का काम भी शुरू हो गया है। हमारा लक्ष्य पूरे प्रदेश के हर गांव और हर खेत तक पानी पहुंचाना है। इस बार गेहूँ का समर्थन मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल होगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार मजदूरों की मजदूरी नहीं दे रही है, बल्कि हर उस व्यक्ति को रोजगार देने की पेशकश कर रही है जो काम चाहता है और हर खेत को पानी देना चाहता है।
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