महाराष्ट्र एवं हरियाणा सरकार में बड़े पैमाने में बागवानी की खेती की जाती है इनमे शामिल विभिन्न फल की खेती शामिल हैं जैसे – नींबू, संतरा, चीकू, अंगूर, पपीता, स्ट्रॉबेरी जैसी फसल उगाने वाले किसान फल फसल बीमा योजना का लाभ आसानी से अर्जित कर सकते है।
फलों की खेती किसानों द्वारा प्रचलित की जा रही है। पारंपरिक खेती को त्यागकर आधुनिक खेती को प्रयोग में लाने पर रिस्क भी अधिक होता है। इनका प्रमुख कारण मौसम का खतरा भी है।
ऐसे में जोखिम को कम करने के लिए सरकार विभिन्न प्रकार की योजनाएं चला रही है उनमे से एक है- ”फल फसल बीमा योजना” जिससे किसानों के नुक्सान की भरपाई हेतु इस योजना से काफी रहत मिलेगी। महाराष्ट्र सरकार किसानों के हित के लिए किसान बागवानी फसलों पर ज्यादा ज़ोर दे रही है जिससे किसानों को इसका फायदा उठाना चाहिए।
फल फसल बीमा योजना में किन फसलों को शामिल किया है ?
फल फसल बीमा योजना के अंतर्गत २६ जिलों में लागू की गयी है इनमें शामिल फल है – अंगूर, संतरे, अनार, , नींबू, चीकू। इसके अलावा ८ जिलों में ९ फलों की फसलों हेतु स्ट्रॉबेरी और पपीता जैसे फलों को शामिल किया है।
योजना के लाभ
- किसानों की रक्षा हेतु जैसे प्राकृतिक आपदाओं बिगड़ते मौसम में फलों की फसलों का ख़राब होने के कारण यह योजना किसानों के लिये लाभदायी साबित होगी।
- किसानों की वित्तीय स्थिरता बनाये रखने के लिए कठिन परिस्थितियों में यह योजना किसानों के लिए लाभदायी है।
- फल फसल बीमा योजना के तहत कृषि तकनीकों और उपयोगों को किसानों के बीच प्रोत्साहित करना।
- किसानों को कृषि क्षेत्र में बढ़ रहे जोखिमों के लिए सुरक्षा प्रदान करना।
बीमा कंपनी की शर्तें
किसान और राज्य सरकार मिलकर बीमा कंपनी का भुगतान किश्तों में करती है। प्रीमियम के भुगतान के लिए कंपनी को किया जाता है, उसके बाद ही बीमा राशि का भुगतान करना अनिवार्य होगा। राशि की अंतिम किश्त का इंतज़ार किये बिना कंपनी को राशि भरनी होगी।
- बीमा कंपनी योजना में भाग लेने वाले किसानों को मुआवजा सीधा बैंक खाते में करेगी और मुआवजे की जानकारी बैंक को बीमा कंपनी द्वारा दी जाएगी।
- बीमा कंपनी को अपनी वेबसाइट पर मुआवजे की जानकारी प्रकशित करना अनिवार्य होगा।
- बीमा कंपनी किसानों और अन्य हितधारकों की शिकायतों का निवारण कर किसानों की मदद करें।
हरियाणा में भी लागू की गयी बागवानी बीमा योजना
यदि हरयाणा राज्य की बात की जाएं तो राज्य के मुख्यमंत्री ने बागवानी बीमा योजना शुरू कर दी है। इस योजना के तहत कुल २१ सब्जी, मसाले फसल एवं फल को शामिल किया गया है।
किसानों को मसालों एवं सब्जियों की फसल के लिए मात्र ७५० रूपए और फल के लिए रूपए १००० का भुगतान करना होगा जिसके बदले में किसानों को रूपए ३० हजार और ४० हजार रूपए का भुगतान किया जाएगा।