हाल ही में सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्र व्यावसायिक महत्व की १० विश्व स्तर पर लोकप्रिय विदेशी फल फसलों और उच्च पोषण के साथ कई स्वदेशी फल फसलों के क्षेत्र और उत्पादन को बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है।
कृषि मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय वर्ष में हो रहे एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि, “विक्त वर्ष के दौरान स्वदेशी फलों के लिए ७,१५४ हेक्टेयर क्षेत्र तथा विदेशी फलों के लिए ८,९५१ हेक्टेयर को खेती के तहत शामिल किया जाएगा।”
चालू वर्ष २०२१-२२ के लक्ष्य में विभिन्न राज्य सरकारों को इन फसलों के क्षेत्र को विस्तार से बढ़ावा देने के लिए कहा है।
कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के सहयोग से केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में भारत में एफएओ के प्रतिनिधि टोमियो शिचिरी तथा कृषि सचिव संजय अग्रवाल भी मौजूद थे।
कृषि मंत्री ने कहा कि, भारत बागवानी फसलों का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है, वही प्रधान मंत्री मोदी ने बताया कि, “देश को कृषि उत्पादन में वृद्धि के बीच खाद्य प्रसंस्करण क्रांति और मूल्यवर्धन की आवश्यकता है।”
कृषि क्षेत्र में विकास और अनुसंधान के साथ साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की वकालत प्रधानमंत्री द्वारा कि गयी हैं।
भारत वैश्विक स्तर पर फल उत्पादन और सब्जी का लगभग १२ प्रतिशत उत्पादन का भागीदार है।