मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना: बिहार सरकार ने किसानों को मुफ्त में बिजली कनेक्शन देकर सिंचाई की सुविधा आसान करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। डीजल पंपसेटों की जगह कृषि विद्युत कनेक्शन देकर किसानों को कम लागत पर सिंचाई का लाभ दिया जा रहा है।
क्या है योजना?
मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना के तहत हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत राज्य के 7.20 लाख डीजल पंपसेटों में से अब तक 3.60 लाख पंपसेटों को बिजली कनेक्शन मिल चुका है।
ऊर्जा विभाग ने 2024-26 के दौरान 4.80 लाख पंपसेटों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया है।
अब तक की प्रगति
2024-25: 1.50 लाख पंपसेट जोड़ने का लक्ष्य दिसंबर 2024 में ही पूरा हो गया।
अब तक 1.55 लाख कृषि कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक हैं।
आने वाले लक्ष्य:
- 2025-26 में 1.50 लाख पंपसेट जोड़ने की योजना।
- सितंबर 2026 तक कुल 1.80 लाख पंपसेट जोड़े जाएंगे।
- मुफ्त कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया
- किसानों को यह कृषि विद्युत कनेक्शन पूरी तरह मुफ्त दिया जा रहा है। आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद आसान है।
आवेदन कहां करें:
- किसान सुविधा ऐप
- वितरण कंपनी का पोर्टल
- स्थानीय विद्युत कार्यालय
जरूरी दस्तावेज:
- पहचान पत्र (आधार कार्ड)
- जमीन से जुड़े दस्तावेज
- पंपसेट के स्थान का सटीक पता
बिजली से सिंचाई क्यों है फायदेमंद?
बिहार सरकार बिजली बिल में सब्सिडी देकर डीजल की तुलना में बिजली से सिंचाई को 10 गुना सस्ता बना रही है। यह न केवल किसानों के खर्च को कम करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होते है।
किसानों के लिए अपील:
सरकार ने किसानों से आग्रह किया है कि वे जल्दी से आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं। यह योजना न केवल कृषि लागत कम करेगी बल्कि राज्य के किसानों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
अधिक जानकारी के लिए:
किसान नजदीकी ऊर्जा विभाग या बिजली विभाग कार्यालय से संपर्क कर योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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