किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें देशभर के खरीदारों तक पहुँच दिलाने के उद्देश्य से त्रिपुरा का कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, केंद्र सरकार के सहयोग से, राज्य के 21 कृषि बाजारों को ई-मार्केट में बदलने जा रहा है।
यह घोषणा गुरुवार को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने धलाई जिले के कुलई में नवनिर्मित बाजार और नौगांव में एक ग्रामीण ज्ञान केंद्र का उद्घाटन करते हुए की। नाथ ने जोर देकर कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए केवल उत्पादन ही नहीं बल्कि बाजार का विकास भी उतना ही आवश्यक है।
वर्तमान में त्रिपुरा में 554 कृषि बाजार और 84 थोक बाजार हैं, जिनमें से 21 कृषि-उत्पाद बाजार हैं। नाथ ने कहा, “2018 से पहले बाजार विकास पर केवल 20.20 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। लेकिन पिछले सात वर्षों में हमने 303 करोड़ रुपये निवेश किए हैं, जो यह साबित करता है कि यह सरकार किसानों के लिए कितनी प्रतिबद्ध है।”
इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (e-NAM) योजना के तहत पहले चरण में सात बाजार—पानीसागर, पबियाचरा, कुलई बाजार, तेलियामुरा, मोहनपुर, सोनामुरा और शांतिरबाजार—को ऑनलाइन लाया जाएगा। इसके बाद अगले चरण में दासदा, कल्याणपुर, बिशालगढ़ और जंपुइजाला सहित 12 और बाजारों को जोड़ा जाएगा।
प्रत्येक उन्नत ई-मार्केट में नीलामी मंच, प्रयोगशाला, गोदाम, ग्रेडिंग और सॉर्टिंग सिस्टम, पीने के पानी की सुविधा और अन्य आवश्यक ढाँचे उपलब्ध कराए जाएंगे। पहले चरण के लिए राज्य को केंद्र सरकार से 2.10 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
इस योजना के प्रभाव को बताते हुए नाथ ने कहा कि किसान अब घर बैठे अपनी उपज के विवरण और तस्वीरें अपलोड कर पूरे देश में बेच सकेंगे। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य किसानों की आय को दोगुना करना और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। कृषि ही हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।”
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