केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा की २०१४ – २०२० के दौरान कृषि क्षेत्र में मोदी सरकार द्वारा किए गए बजटीय आवंटन पिछले शासन के दौरान से ४३८ प्रतिशत अधिक थे।
उन्होंने वामपंथियों और “टुक-टुकडे गैंग ” पर मोदी सरकार की कृषि क्षेत्र में उपलब्धियों को बदनाम करने का भी आरोप लगाया।
गिरिराज सिंह ने कहा की २०१३ -२०१४ के दौरान कृषि ऋण ७ लाख करोड़ रूपये था, जो इस वर्ष में २०२१ -२०२२ में १६.५ लाख करोड़ रूपये हो गया है। जिसमे कुल १३५ प्रतिशत की वृद्धि हो गयी है। उन्होंने खा की में कृषि क्षेत्र के लिए बजट पर जोर देना चाहता हु।
२००९ और २०१४ के बिच कृषि का बजट ८८,८११ रूपये था, जिसे २०१४ से २०२० के बिच बढ़ाकर ४,८७ ,२३८ करोड़ रूपये कर दिया गया। उसमे ४३८ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है।
उन्होंने कहा की २०१९ -२०२१ के वित्त वर्ष के दौरान ८७,००० करोड़ रूपये का गेहू खरीदा गया था जबकि २०१३-२०१४ के बिच ३३,००० करोड़ रूपये का गेहू खरीदा गया था। जिसमे २०१९ -२०२० के दौरान ८७ प्रतिशत की वृद्धि हुयी है।
इसी तरह से २०१९ -२०२० में धन का खरीद १. ४१ लाख करोड़ रूपये है और पिछले शासन के दौरान २०१३ -२०१४ में ६३,२९८ करोड़ रूपये का धन खरीदा गया था।
उन्होंने ने कहा कि देश में १०६ लाख किसानों को प्रत्यक्ष बैंक हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से ६,००० रुपये का लाभ हुआ है।
