किसान क्रेडिट कार्ड योजना (Kisan Credit Card): वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में घोषणा करते हुए कहा कि 5 नए राज्यों में किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत की जाएगी और इस पर मिलने वाली सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इस योजना के तहत सरकार किसानों को कम ब्याज दर पर कृषि के लिए ऋण प्रदान करती है। इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में किसान पहले से ही उठा रहे हैं। यदि आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी है।
किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) योजना भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के तहत किसानों को उनकी कृषि आवश्यकताओं, मत्स्य पालन और पशुपालन से संबंधित जरूरतों को पूरा करने के लिए शॉर्ट टर्म ऋण और उपकरण खरीदने तथा अन्य खर्चों के लिए क्रेडिट लिमिट उपलब्ध कराई जाती है।
क्या हैं फायदे?
किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) की अधिकतम वैलिडिटी 3 साल होती है। ऋण की वापसी फसल की कटाई के बाद की जाती है। 1.60 लाख रुपये तक के ऋण के लिए किसी प्रकार की सुरक्षा जमा की आवश्यकता नहीं होती। केसीसी धारकों को स्थायी विकलांगता या मृत्यु की स्थिति में 50 हजार रुपये तक का बीमा कवर मिलता है, जबकि अन्य जोखिमों के लिए उन्हें 25 हजार रुपये तक का कवर प्रदान किया जाता है।
केसीसी (Kisan Credit Card) के माध्यम से किसानों को अधिकतम 7% ब्याज दर पर ऋण दिया जाता है। समय पर लोन का भुगतान करने वाले किसानों को ब्याज दर में 3% की छूट दी जाती है, जिससे उन्हें केवल 4% की ब्याज दर ही चुकानी पड़ती है।
कैसे करें आवेदन?
किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) के लिए आवेदन करने के लिए, किसान पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और ‘केसीसी के लिए आवेदन करें’ विकल्प चुनें। फिर आवेदन फॉर्म भरें और ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करें। फॉर्म सफलतापूर्वक जमा करने के बाद आपको एक रेफरेंस नंबर प्राप्त होगा। इस रेफरेंस नंबर को भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।
इन्हें नहीं मिलेगा लाभ
अगर किसी किसान का पहले से किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से कोई बकाया ऋण है, तो उसे KCC (Kisan Credit Card) प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। बैंक किसान की ऋण लेने की क्षमता का आकलन करने के लिए उसकी क्रेडिट हिस्ट्री की जांच करेंगे। अगर किसान के पास आवश्यक दस्तावेज जैसे भूमि स्वामित्व प्रमाण, पहचान प्रमाण, आय प्रमाण आदि नहीं हैं, तो उसका आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। किसान सभी आवश्यक दस्तावेजों को जमा करने से पहले अच्छी तरह से जांच लें। इस स्कीम का लाभ केवल 18 से 75 वर्ष के बीच के किसानों को दिया जाएगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के आवेदकों के लिए सह-आवेदक होना अनिवार्य है।

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