टैफे ने कोविड राहत हेतु राजस्थान के छोटे किसानों को सहयोग देने के लिए  मुफ्त ट्रैक्टर रेंटल योजना की घोषणा की

टैफे ने कोविड राहत हेतु राजस्थान के छोटे किसानों को सहयोग देने के लिए मुफ्त ट्रैक्टर रेंटल योजना की घोषणा की

401

विश्व की तीसरी सबसे बड़े ट्रैक्टर निर्माता, टैफे – ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड ने कोविड महामारी की दूसरी लहर के बीच किसान समुदाय और सरकार को सहयोग देने हेतु अपने सतत प्रयास के तहत, “मुफ़्त ट्रैक्टर रेन्टल स्कीम” की घोषणा की। यह प्रयास राजस्थान के छोटे किसानों को खेती के इस महत्वपूर्ण समय में सहायता पहुँचाने के लिए है।

टैफे ने लगातार दूसरे साल इस अनोखी और लोकप्रिय मुफ़्त ट्रैक्टर रेन्टल स्कीम को पेश किया है। इस स्कीम के अंतर्गत पिछले साल अकेले राजस्थान में छोटे और सीमांत किसानों को 1 लाख घंटों से अधिक की निःशुल्क रेंटल सेवा प्रदान की गई तथा 70,100 एकड़ से अधिक की जुताई हुई, वहीँ पूरे भारत में 213,500 एकड़ से अधिक मुफ़्त खेती कराई गई।

यह स्कीम राजस्थान के सभी जिलों में 1 जून से 31 जुलाई , 2021 तक, 60 दिनों की अवधि के लिए उपलब्ध है। इस दौरान, एक हेक्टेयर या उससे कम भूमि वाले छोटे किसानों के कृषि कार्य हेतु, टैफे 41,800 से अधिक मैसी फ़र्ग्यूसन और आयशर ट्रैक्टर तथा 1,16,700 कृषि उपकरण, बिना किसी किराए के एकदम मुफ्त उपलब्ध कराएगा।

JK Tyre AD

टैफे की चेयरमैन और प्रबंध निदेशक – मल्लिका श्रीनिवासन ने कहा, “कोरोना महामारी ने फसल चक्र के इस महत्वपूर्ण समय में ग्रामीण क्षेत्रों में कामकाज को एकदम ठप्प कर दिया है। ऐसे में किसानों की सहायता हेतु, हम एक बार फिर छोटे और सीमांत किसानों के लिए मुफ़्त ट्रैक्टर रेन्टल योजना प्रदान कर रहे हैं।

राजस्थान सरकार के निरंतर सहयोग के साथ, टैफे कृषि के इस नाज़ुक समय में किसानों की मदद के लिए खेती के उपकरणों के साथ मैसी फ़र्ग्यूसन और आयशर ट्रैक्टरों को उपलब्ध कराएगा।

हम कृतज्ञ हैं कि माननीय मुख्यमंत्रीजी ने किसान समुदाय के हित पर अपना ध्यान केंद्रित रखा, और साथ ही मुफ्त ट्रैक्टर रेन्टल स्कीम को अपना समर्थन देने के लिए माननीय कृषि मंत्री और कृषि विभाग के प्रति भी हम अपना आभार व्यक्त करते हैं।”

किसान टैफे के जेफार्म सर्विसेज़ ऐप या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-4200-100 का उपयोग कर ट्रैक्टर या कृषि उपकरण किराए पर ले सकते हैं। यह योजना राजस्थान के कृषि विभाग और उनके जिला अधिकारियों के सहयोग से लागू की जाएगी।

agri news

Leave a Reply