भारत के कृषि प्रधान देश में हमेशा से ही किसानों की भूमिका महत्व रही है। देश के लिए किसानों का प्रमाण रहना जरुरी है तथा उनको आर्थिक लाभ पहुंचाना है। इसके लिए सरकार विभिन्न योजनाओं का निर्माण कर रही है तथा किसानों से अनुरोध कर रही है कि इन योजनाओं का लाभ उठाएं और समय पर आवेदन करें।
किसानों के लिए यह जानना जरुरी है की, सरकार द्वारा कौन सी ५ योजनाएं लाभदायी है, जिससे उनकी मुश्किलों का समाधान निकल सकता हैं और किसानों को आर्थिक लाभ प्रदान होगा। तो आइए जानते हैं इन पांच महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के बारें में जो किसानों के लिए बनायी गयी हैं।
प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना
यह स्कीम वित्तीय सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है जो छोटे और सीमान्त किसानो के लिए बनाई गयी है।
- वो किसान जिनके पास आजीविका के नुकसान की स्थिति में समर्थन की आवश्यकता है या जिनके पास बुढ़ापे के लिए कोई बचत नहीं है वे इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं।
- इस योजना के तहत किसानों को वृद्धावस्था में पेंशन दी जाएगी।
- ६० वर्ष की आयु तक पहुंचने पर सीमान्त और छोटे किसानों को निश्चित पेंशन दी जाएगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार द्वारा देश के किसान परिवारों के के लिए सहायता प्रदान करने के लिए इस योजना को शुरू किया है।
- इससे किसानों को कृषि और संबद्ध गतिविधियों की आवश्यकताओं से जुड़े खर्चों को कवर करने का मौका मिल सकेगा।
- योजना के तहत किसानों को प्रति वर्ष ६ हजार रूपए तीन मासिक भुगतान में वितरत किये जाते हैं जिसका किसान लाभ उठा रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना को सरकार ने साल २०१६ में खरीफ सीजन में शुरू किया था।
किसानों को बीमा प्रदान करना है, यह लक्ष्य इस योजना के तहत निर्धारित किया गया था।
e-NAM
- ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म प्रदान किसानो को प्रदान करने के साथ यह योजना की शुरुआत की गयी है।
- e-NAM प्लेटफार्म से पहले ही १८ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेश जुड़ चुके हैं।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
- किसानो को खेती में उपयोग के लिए अधिक मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है जिसके तहत सरकार ने कृषि सिचाई योजना को लागू कर इनपुट लगत को कम कर उत्पादन में सुधार कर पानी की दक्षता को अधिक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
- ड्रिप और स्प्रे सिचाईं के माध्यम से प्रणाली का उपयोग करके खेत स्तर पर जल उपयोग दक्षता को बढ़ावा देना है