इरीगेशन पाइपलाइन सब्सिडी पर पाए अनुदान, ऐसे करें आवेदन

इरीगेशन पाइपलाइन सब्सिडी पर पाए अनुदान, ऐसे करें आवेदन

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इरीगेशन पाइपलाइन स्कीम पर सब्सिडी

राजस्थान किसानों के लिए है खुशखबरी ! कृषि के कार्य में सबसे ज्यादा उपयोग में लाये जाने वाले सिंचाई के लिए लगने वाली पाइपलाइन पर सरकार ने इरीगेशन पाइपलाइन स्कीम के तहत सब्सिडी देने का फैसला किया है।

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राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए खासतौर पर फसलों की सिंचाई के लिए उपयोग में लाएं जाने वाले पाइप खरीदने के लिए आर्थिक मदद देनी शुरू कर दी है। सभी जिलों के किसानों को कृषि विकास योजना के तहत सिंचाई पाईपलाइन के लिए ग्रांट मिल सकती है। योजना के तहत एक किसान को अधिकतम १५००० रूपए मिलेंगे। सरकार ने इस बात की पुष्टि की है कि, जिन किसानों के नाम पर खेती योग्य जमीन है एवं उनके कुएं पर बिजली, डीजल या टैक्टर चलित पंप सैट है, वे इसका लाभ ले सकते हैं।

इसके आलावा सिंचाई पाइपलाइन पर स्त्रोत से खेत तक पाइप ले जाने के लिए निर्धारित साइज के पीवीसी जो पाइप को खेत तक ले जाने के लिए सिंचाई का बड़ा स्त्रोत है उस पर किसानों को एचडीपीई पाईप की खरीद पर लागत का ५० प्रतिशत या अधिकतम राशि ५० रुपये प्रति मीटर के हिसाब से मिलेंगे। इसी तरह ३५ रुपये प्रति मीटर पीवीसी पाईप पर या २० रुपये प्रति मीटर एचडीपीई लेमिनेटेड लेफलेट टयूब पाईप पर मिलेगा।

आर्थिक मदद के लिए योजना से होगा लाभ

सिंचाई के लिए अलग अलग प्रकार के पाइप का उपयोग किया जाता है जो कुएं से पंप सेट होने पर अलग अलग प्रकार के पाइपलाइन पर अनुदान देय होगा। इसके लिए जमीन का स्वामित्व अलग-अलग होना अनिवार्य है। सभी साझेदार किसानों को सामलाती जल स्रोत होने की स्तिथि में पाईपलाइन दूर तक ले जाने में अलग-अलग ग्रांट मिलेगी।

ऐसे करें आवेदन

  • किसानों को इरीगेशन पाइपलाइन स्कीम के तहत अनुदान प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड संख्या देना जरुरी है।
  • कियोस्‍क के माध्‍यम से किसान नजदीकी नागरिक सेवा केंद्र या ई-मित्र केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
  • इसके बाद आवेदक को हस्ताक्षर करके मूल आवेदन को भरकर कियोस्क पर जमा करना जरुरी होगा।
  • आवेदक को मूल आवेदन पत्र को ऑनलाइन ई-प्रपत्र में जमा करना होगा और आवश्यक दस्तावेज को स्कैन कर अपलोड कराना होगा।

किसान खुद कर सकते हैं आवेदन

योजना के लिए किसान खुद से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र को ऑनलाइन ई-प्रपत्र में भरने के बाद आवश्यक दस्तावेज़ को स्कैन का अपलोड करना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन रसीद प्राप्त होने के बाद आवेदक मूल दस्तावेजों को डाक या खुद जाकर संबंधित कृषि विभाग के कार्यालय में जमा करें।

आवेदन पत्र के साथ जरुरी दस्तावेज देना अनिवार्य हैं, जैसे एक पेपर पर शपथ पत्र देना होगा जिसमें आवेदक को बताना होगा कि कुल सिंचित एवं असिंचित भूमि कितनी है, आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड आदि सेना होगा। आवदेन पूरा होने के बाद तीस दिन में किसानों को लाभ प्राप्त होगा।

योजना की जानकारी हेतु किसान या किसान के परिवार से भाई- बहन जानकारी ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि पर्यवेक्षक, जिला स्‍तरीय संबंधित कृषि कार्यालय, सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), आदि से संपर्क कर सकते हैं।

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