नए रिकॉर्ड के साथ रबी की बुवाई 68.45 मिलियन हेक्टेयर

नए रिकॉर्ड के साथ रबी की बुवाई 68.45 मिलियन हेक्टेयर

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इस साल देश में सर्दियों की बुआई पिछले साल से करीब २. ८६ प्रतिशत बड़ी है जिससे सर्वाधिक रबी कवरेज प्राप्त हुआ है। किसान विरोध के बावजूद कई राज्यों में पंजाब ,हरियाणा ,उत्तर प्रदेश के गेहू उत्पादक क्षेत्रों में इस साल गेहू का रकबा २.९५ प्रतिशत बढ़ा है । कृषि मंत्रीने कहा कि देश अभी तक एक और रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन हासिल करने के लिए तैयार है।

यह हमारे लिए एक मूल्यवान क्षण है। हर साल हम अपना ही रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। कृषि क्षेत्र से दुर्गम क्षेत्रों में गरीब लोगों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह देश के समग्र विकास में भी योगदान देगा, ”उन्होंने कहा। गेहूं के अलावा, जो कुल रबी क्षेत्र का 50% से अधिक है, चावल, दाल और तिलहन के क्षेत्रों में भी काफी वृद्धि हुई है।

हमारा ध्यान उत्पादन दालों और तिलहन को बढ़ाने पर है, जिसे हमें अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आयात करना होता है । दालों में हमने आत्मनिर्भरता हासिल की है। अब हम खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करेंगे, ”कृषि आयुक्त एस के मल्होत्रा ने कहा।

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उन्होंने कहा कि चावल का उत्पादन १६.६३ % बढ़ा है, जबकि दलहन क्षेत्र और तिलहन का उत्पादन क्रमशः २.७७ % और ४.९७ % बढ़ा है। “सरसों ने इस वर्ष एक रिकॉर्ड दर्ज किया है पिछले साल से ७.०३ % उत्पादन बढ़ा है । राजस्थान, हरियाणा, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे क्षेत्रों में अधिक उत्पादन की जानकारी मिली है।

सिंचाई के लिए भरपूर मात्रा में पानी की उपलब्धता और सुबह की ओस के साथ कम तापमान उत्तरी भारत में गेहूं और सरसों की फसलों को मदद कर रहा है।हम उम्मीद करते हैं कि अगले कुछ हफ्तों तक फसलों के स्वस्थ विकास के लिए अनुकूल स्थिति रहेगी। सरकार ने 300 मिलियन टन से अधिक खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें रबी सीजन की फसलों का योगदान 151.65 मिलियन टन है।

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