भारत में अधिकांश किसान झींगा पालन (Shrimp Farming) करके अच्छी आय कमा रहे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने झींगा पालन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को बजट 2024 में बड़ी राहत दी है। जानें पूरा प्लान:
बजट 2024 में झींगा पालन (Shrimp Farming) को लेकर वित्त मंत्री ने किसानों को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न हिस्सों में झींगा ब्रूड-स्टॉक्स न्यूक्लियस ब्रीडिंग केंद्रों का नेटवर्क बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही प्रोसेसिंग और निर्यात के लिए नाबार्ड (NABARD) के माध्यम से फंडिंग की सुविधा भी किसानों को मिलेगी।
सरकार ने झींगा फीड और ब्रूडस्टॉफ के आयात पर भी कर कम किया है। झींगा फीड आयात शुल्क को 15 प्रतिशत से 5 प्रतिशत कर दिया गया है और ब्रूडस्टॉक आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से 5 प्रतिशत कर दिया गया है। यह कदम किसानों को झींगा पालन में अधिक मुनाफा कमाने में मदद करेगा।
झींगा पालन (Shrimp Farming) के लाभ: 5 प्रमुख बातें
पालन का स्थान: झींगा पालन मीठे पानी में किया जाता है। तालाब की तैयारी मछली पालन की तरह करनी होती है।
तालाब की मिट्टी: झींगा पालन के लिए तालाब को क्ले सिल्ट या दोमट मिट्टी पर बनाना चाहिए, क्योंकि इस प्रकार की मिट्टी पानी को अच्छी तरह रोक सकती है।
चूने की मात्रा: तालाब में झींगा पालन के लिए 250-1000 किलोग्राम चूना प्रति हेक्टेयर डालें। इससे तालाब में रोगाणु नियंत्रण में रहता है।
भोजन की व्यवस्था: झींगा को भोजन के रूप में सूजी, मेंदा और अंडे मिलाकर दें।
भोजन की संतुलित मात्रा: झींगा के भोजन में लगभग 80% शाकाहारी और 20% मांसाहारी पदार्थ शामिल करें।
झींगा पालन (Shrimp Farming): उत्पादन और लाभ की संभावनाएँ
झींगा पालन (Shrimp Farming) में डाले गए लार्वा का लगभग 50 से 70 प्रतिशत जीवित रहता है, इसलिए उनकी सही देखभाल महत्वपूर्ण है। झींगा 4 से 5 महीने में 50 से 70 ग्राम तक वजन बढ़ा लेते हैं। जब उनका वजन 50 ग्राम से अधिक हो जाए, तो उन्हें तालाब से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। बाजार में शुद्ध झींगा की कीमत लगभग 250 रुपए प्रति किलोग्राम है। लागत घटाने के बाद, एक एकड़ जल क्षेत्र से करीब 2 लाख रुपए तक का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

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