कृषि मशीनरी सब्सिडी योजनाएं से किसानों को लाभ

कृषि मशीनरी सब्सिडी योजनाएं से किसानों को लाभ

कृषि के क्षेत्र में मशीनों का उपयोग निरंतर बढ़ता जा रहा है। आधुनिक युग में किसान उपकरणों के माध्यम से खेती करना पसंद करते है परन्तु छोटे और सीमांत किसान कई बार इन उपकरणों को नहीं खरीद पाते है, ऐसी स्थिति में किसानों के लिए केंद्र सरकार ने ख़ास योजनाओं को लागू किया है। कुछ योजनाएं ऐसी हैं जहाँ पर किसान सब्सिडी पर कृषि उपकरण खरीद सकते हैं।

तो आईए विस्तार से जानते हैं इन स्कीम्स के बारे में।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना

केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की स्थापना वर्ष २००७-०८ में लागू की गयी थी। यह योजना का गठन ११वीं पंचवर्षीय योजना में ४ प्रतिशत वार्षिक दर हासिल करने के उद्देश्य से स्थापित की गयी थी । वर्ष २००७ -०८ से २०१४-१५ तक शत प्रतिशत राशि की सहायता भारत सरकार से मिल रही थी।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत विभिन्न उद्देश्यों को शामिल किया गया हैं तथा इनमे शामिल विभाद जैसे उद्यान, कृषि, मत्स्य पालन,कृषि विपणन बोर्ड, डेयरी, वन विभाग, पशु विज्ञान व पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय आदि को परियोजना आधारित सहायता प्रदान की जाती है। इसके आलावा कृषि उपकरण में महिलाओं को उपकरण प्रदान किया जाता हैं। किसान इस योजना का भागीदार बनके लाभ उठा सकते हैं।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अभियान की शुरुवात वर्ष २००७-०८ में की गयी थी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत कृषि उत्पादकता में सुधार लाने से हैं। इस योजना के माध्यम से पुराने कृषि यंत्रों को सुधार कर बेहतर बनाया जा सकें। सरकार का मानना हैं कि, कृषि यंत्रों का निरंतर उपयोग करने से खामिया होती हैं इसलिए उन पर ध्यान देना आवश्यक हैं ताकि किसानों को भी बेहतर कृषि के लिए यंत्रों के माध्यम से सहायता मिल सकें। कृषि मशीनरी का लाभ उठाने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत लाभ उठा सकते हैं।

कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन

कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन की शुरुवात छोटे और सीमांत किसानों और कृषि शक्ति की उपलब्धता वाले क्षेत्रों तक कृषि उपकरण की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष २०१४-१५ में शुरुवात की गयी थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत खंडित जोत और मालिकाना रूप की उच्च लागत के कारण बड़े आकार को मद्दे नजर रखते हुए अर्थव्यवस्थाओं को संतुलित करने के लिए कस्टम हायरिंग केंद्रों और उच्च मूल्य की मशीनों के उच्च-तकनीक हब को बढ़ावा दिया जा सकें।

Leave a Reply