सफल परीक्षण के बाद भारत में भी आ सकता है जॉन डीयर का नया ऑटोनोमस ट्रैक्टर

सफल परीक्षण के बाद भारत में भी आ सकता है जॉन डीयर का नया ऑटोनोमस ट्रैक्टर

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खेती की जुताई-बुवाई के लिए उपयोग में लाएं जाने वाले हल (उपकरण) का निर्माण सन १८३७ में किया था जो ट्रैक्टर के पीछे आसानी सी लगाया जा सकता है जो खेती के कृषि कार्यों के लिए प्रयोग में सबसे पहले जॉन डीयर कंपनी ने किया था। जॉन डीयर कंपनी ने हमेशा से नवीन तकनीक वाले ट्रैक्टरों का निर्माण किया है जो किसानों द्वारा प्रयोग में लाये जाते है। हाल ही में जॉन डीयर कंपनी ने नवीन ऑटोनोमस ट्रैक्टर को सार्वजनिक किया है जिसका नाम 8आर रखा गया है। हालांकि, ऑटोनोमस ट्रैक्टर को अमेरिका में आयोजित कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो में प्रदर्शित कर परिक्षण के लिए रखा गया है। कंपनी इसे बाजार में ख़ास सफल परिक्षण के बाद ही बाजार में लेकर आएगी। भारतीय बाजार में भी कंपनी इसे लेकर आ सकती है।

कैसा है ऑटोनोमस ट्रैक्टर/ क्या है इसके लाभ

ऑटोनोमस ट्रैक्टर प्रमुख विशेषताओं के साथ प्रयोग में लाया जा सकता है ऐसा दावा है कंपनी का। यह कठिन से कठिन रास्तों पर भी आसानी से चलाया जा सकता है तथा सबसे विशेष बात यह है कि, इसे खेती के कार्यों में जैसे जुताई – बुवाई के कार्यों के लिए सबसे एहम माना है जो स्वयं से संचालित होता है। इस ट्रैक्टर को किसी व्यक्ति की आवश्यकता नहीं होती है। ट्रैक्टर में छह कैमरे लगे हुए है जिसके जरिये कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल कर आगे का रास्ता आसानी से तय कर लेता है साथ ही वातावरण का अनुमान लगा लेता है। ट्रैक्टर को बार -बार निर्देश देने की जरुरत नहीं पड़ती है। यह ट्रैक्टर खुद ही निर्धारित क्षेत्र में खेत की जुताई एवं बीजों की बुवाई का कार्य आसानी से पूरा कर लेता है। कठिन परिस्थितियों में भी यह खुद का रास्ता स्वयं बनाता है।

किसान जरुरत के हिसाब से ऑटोनोमस ट्रैक्टर को नवीन निर्देश दे सकता है। यह निर्देश कुछ ऐसे हो सकते हैं जैसे ट्रैक्टर को नए कृषि क्षेत्र में भेजना, काम रोककर मशीन को खेत में वापिस बुला लेना काम बदलना, आदि। स्मार्ट फ़ोन के ज़रिये किसान कही से भी ट्रैक्टर को निर्देश दे सकते हैं। हालांकि, मौजूदा वक्त में कुछ इसे ट्रैक्टर हैं जो अपने आप चल सकते हैं, मगर उनकी अलग अलग सीमाएं होती हैं।

ऑटोनोमस ट्रैक्टर की कितनी होगी कीमत

ट्रैक्टर अमेरिका के एक शहर लॉस वेगास में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो में नए साल में प्रदर्शित किया गया है। हालांकि कंपनी ने इसकी कीमत का खुलासा अभी तक नहीं किया है, लेकिन अनुमान है कि, इसकी कीमत लगभग ८ लाख डॉलर तक हो सकती है। हालांकि हिंडमैन इस बारे में कहते हैं कि कंपनी कई तरीके बिजनेस मॉडल पर काम कर रही है। इसमें एक सब्सक्रिप्शन का विकल्प भी है । यानि जरुरत पड़ने पर इसे किराये पर भी लिया जा सकता है तथा सालना आधार पर किराया चुकाना होगा।

नयी तकनीक के लाभ के साथ नुकसान भी है

नयी तकनीक को कृषि क्षेत्र में उपयोग में लाये जाने से हमेशा बनी रहने वाली श्रमिकों की अनुपलब्धता की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। वहीं इसके कुछ नुकसान भी देखे गए गए हैं – कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) का ज़्यादा इस्तेमाल से कृषि क्षेत्र में किसानों का काम छूटने की आशंका है।

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