सरकार ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए एक योजना की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत, कम खर्च में घर पर ही मछली पालन का व्यवसाय आरंभ किया जा सकता है, जिससे 2 लाख रुपये तक सालाना कमाया जा सकता है। इस योजना में सभी वर्गों के लिए सब्सिडी उपलब्ध है।
भारत एक कृषि प्रधान देश है जहां 75 फीसदी से अधिक आबादी गांवों में निवास करती है, जो खेती, पशुपालन, मुर्गी पालन, मछली पालन, और बत्तख पालन से अपना जीवन यापन करती है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने छोटे मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना शुरू की है, जिसमें 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है, इससे बेहतर बिजनेस किया जा सकता है।
इस योजना में सभी वर्गों को सब्सिडी प्राप्त होगी:
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत, सरकार ने बैकयार्ड रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम के माध्यम से मछली पालन की योजना शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत, सरकार महिलाओं, अनुसूचित जाति, और जनजाति को 60 फीसदी सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। साथ ही, आम जनता को भी इस योजना में शामिल किया गया है और उन्हें 40 फीसदी सब्सिडी उपलब्ध है। इसके तहत, घर में सीमेंटेड टैंक बनाकर मछली पालन किया जा सकता है।
घर के अंदर मछली पालन की संभावना है:
मछली पालन को घर के अंदर ही दो तरीकों से किया जा सकता है। इसमें पहला तरीका है सीमेंटेड टैंक बनाना, जिसमें कम से कम 70 से 80 किलो मछली रखी जा सकती है। दूसरा तरीका है प्लास्टिक टैंक का उपयोग, जिसमें एक बार में 10 हजार सिंधी मछली के बीज डाले जा सकते हैं। इसमें बड़े होने में कम से कम चार महीने का समय लगता है। एक टैंक में मछली पालन से कम से कम 2 लाख रुपये का मुनाफा कमाया जा सकता है।
आपको निम्नलिखित निर्देशों का पालन करना होगा जब आप प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए आवेदन करें:
पहले आधिकारिक वेबसाइट pmmsy.dof.gov.in पर जाएं।
वहां होम पेज खुलेगा। इस पर योजना के लिंक पर क्लिक करें।
फिर आपको एक फॉर्म भरने का विकल्प मिलेगा, जिसमें आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
फॉर्म में आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता और जमीन की जानकारी भरनी होगी।
सभी आवश्यक फॉर्म भरने के बाद, सबमिट पर क्लिक करके फॉर्म को जमा करें। आप ऑनलाइन आवेदन करेंगे।
ताकि आपके खाते में सरकारी भुगतान मिल सके, ध्यान रहे कि बैंक खाते की सही जानकारी भरें।

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