हैप्पी सीडर के प्रयोग से कम लागत में अच्छी उपज पर लाभ

हैप्पी सीडर के प्रयोग से कम लागत में अच्छी उपज पर लाभ

हैप्पी सीडर बना कृषि का समाधान, जानिए कैसे।

कृषि में विभिन्न कार्यों को करना अब आसान होता जा रहा है। कई तरह के उपकरण नयी तकनीक के साथ किसानों की पहली पसंद बनते जा रहे है क्योंकि यह काम को और भी आसान बनाते है तथा समय की बचत भी होती है। ‘हैप्पी सीडर’ उपकरण से गेहूं की सीढ़ी बुवाई करना हुआ और भी आसान किसानों की मुश्किल का हुआ समाधान।

हैप्पी सीडर मशीन को जानते हैं और भी आसान तरीके से :

हैप्पी सीडर मशीन के माध्यम से गेहूं के बीज बिना भूसे के जाम किये बिना बो सकते हैं। हैप्पी सीडर उपकरण एक ट्रेक्टर माउंटेड मशीन है, जो गेहूं की सीधी बुवाई करने में सहायक है। यह पहले चावल के भूसे को कटती है फिर उठाती है उसके बाद गेहूं को सीधा मिटटी में बोती है।

यह मशीन किसानों के लिए अत्यधिक लाभदायी है, जिससे किसानों की मुश्किल और भी आसान हो जाती है , यह पर्यावरण को अनुकूल बनाती है तथा समय की बचत भी करती है। इस मशीन में लागत कम लगती है।

हैप्पी सीडर की विशेषताएं

हैप्पी सीडर मशीन उपज को बढ़ाने का कार्य करती है।
यह मशीन गेहूं को बिना जलाये चावल की पराली को खोदने में, वायु प्रदूषण को खत्म करने में और जलने के कारण पोषक तत्वों को और कार्बनिक कार्बन के नुकसान के साथ-साथ उपज को बढ़ाएं रखने का साधन प्रदान करता है।

हैप्पी सीडर की लागत, किसानों के लिए प्रभावी है ?

गेहूं की बुवाई के लिए हैप्पी सीडर खेत तैयार करने के लिए प्रभावी है जिसकी औसत मूल्य रूपए ६,२२४ प्रति हेक्टेयर है, यदि यह पारम्परिक तरीके से खेत तैयार करने में मददगार हैं तो इसकी लागत रूपए ७,२८८ रूपए प्रति हेक्टेयर है। हैप्पी सीडर जीरो टिलेज तकनीक उपकरण है।

यदि किसान गेहूं की बुवाई के लिए हैप्पी सीडर का प्रयोग करते है तो प्रति हेक्टेयर की औसत ४१,००० रूपए का लाभ हो सकता है। किसान हैप्पी सीडर को अपने दम पर खरीद भी सकते हैं, परन्तु किसी बड़े सरकारी समर्थन के बिना इसकी फैलने की उम्मीद नहीं कर सकते।

हैप्पी सीडर पर सब्सिडी प्राप्त

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, हैप्पी सीडर मशीन पारम्परिक जुताई का सही विकल्प है। सरकारी प्रयास की मदद से इस मशीन को लोकप्रिय एवं प्रचारित बनाया जा सकता है।

वर्तमान समय में हैप्पी सीडरक की कीमत ३३ प्रतिशत की सब्सिडी के साथ १.३ लाख होने की संभावना है। हैप्पी सीडर मशीन पर सब्सिडी को ५० प्रतिशत बढ़ाने की मांग किसानों द्वारा की गयी है। ऐसा किसानों का कहना है कि पारम्परिक प्रथा की तुलना में काफी लाभदायी साबित हो सकेगी।