Subsidy on Commercial Horticulture:बागवानी किसानों के लिए खुशखबरी है। यदि आप बागवानी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा शुरू की गई बागवानी फसलों पर सब्सिडी का लाभ उठाकर अपनी इनकम को बढ़ा सकते हैं।
भारत सरकार किसानों को फलों और सब्जियों की खेती पर लगभग 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान कर रही है। यह सब्सिडी राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) के तहत दी जा रही है, ताकि किसान अच्छी पैदावार के साथ-साथ अपनी आर्थिक स्थिति को भी सुधार सकें।
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) द्वारा बागवानी के विभिन्न क्षेत्रों में कई प्रकार की सब्सिडी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आइए, इस सुविधा के बारे में विस्तार से जाने..
बागवानी के इन क्षेत्रों में मिलेगी 50% सब्सिडी:
संरक्षित खेती पर लगभग 50 प्रतिशत सब्सिडी पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस या शेडनेट में शिमलामिर्च, टमाटर, खीरा और कुछ विशेष प्रकार के फूलों की खेती पर दी जा रही है।
ओपन फिल्ड में खेती पर लगभग 40 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिसमें अमरूद, आम और आंवला की खेती शामिल है।
कोल्ड स्टोरेज पर 35 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसमें कोल्ड स्टोरेज के साथ-साथ पोस्ट हार्वेस्ट कंपोनेंट्स जैसे पैक हाउस, राइपनिंग चैम्बर्स, रेफ्रिजरेटेड व्हीकल आदि शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, मशरूम की खेती पर भी लगभग 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।
योजना के लिए ऐसे करें आवेदन:
अगर आप भी बागवानी फसलों की खेती करते हैं और सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
इसके बाद, “Commercial बागवानी सब्सिडी” के विकल्प पर क्लिक करें।
आवेदन के दौरान पूछी गई सभी जानकारियाँ विस्तार से दर्ज करें। सभी जानकारी सही पाए जाने के बाद, किसान को सरकार की तरफ से सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाएगा।

अधिक जानकारी के लिए डाउनलोड कीजिए खेतिगाडी ऍप.
