वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज देश का बजट (बजट 2023) पेश किया। इसमें उन्होंने किसानों से जुड़े कई अहम ऐलान किए। देश के किसानों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। कृषि स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए एक नए कोष की घोषणा की गई है। इस फंड का इस्तेमाल आधुनिक तकनीक के लिए किया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि किसानों को केंद्र में रखकर कई योजनाएं लागू की जाएंगी और कृषि क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए युवा उद्यमियों द्वारा कृषि-स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए एक कृषि त्वरक कोष बनाया जाएगा। सबसे ज्यादा फोकस कॉटन पर रहेगा। कपास से अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करने का प्रयास किया जायेगा। सरकार कृषि स्टार्टअप बनाने पर ध्यान दे रही है।
भारत को बाजरा का वैश्विक केंद्र बनाने पर जोर दिया जाएगा। अनाज के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाया जाएगा। ज़री के लिए एक विश्व स्तरीय शोध संस्थान बनाया जाएगा। हमारे दैनिक भोजन का हिस्सा रहे पारंपरिक खाद्य पदार्थों को वैश्वीकरण करने का प्रयास किया जाएगा। अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में स्थान बनाने का प्रयास होगा। बागवानी के लिए 2200 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है, कपास के लिए क्लस्टर आधारित मूल्य श्रृंखला योजना लागू की जाएगी।
सरकार स्वयं सहायता समूहों पर जोर देने के साथ आर्थिक सशक्तिकरण पर ध्यान देगी। खाद्यान्न भण्डारण हेतु खाद्य भण्डारण विकेन्द्रीकरण योजना लागू की जायेगी। भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार- कृषि क्षेत्र के लिए गोदाम। इस वित्तीय वर्ष के लिए कृषि ऋण लक्ष्य 11.1% बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा। पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी क्षेत्र को ऋण देने पर जोर दिया जाएगा। उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों के लिए रोग मुक्त, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री की उपलब्धता को बढ़ावा देने के लिए ₹2200 करोड़ के परिव्यय के साथ आत्मनिर्भर स्वच्छ संयंत्र कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। मत्स्य पालन के लिए 60,000 करोड़ रुपये की नई सब्सिडी योजना की घोषणा की गई है। इससे किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज की क्षमता भी बढ़ेगी।
किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगले तीन साल में सरकार एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इसके लिए 10 हजार बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट पेश किया। लोकसभा चुनाव से पहले आज मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट है। यह मोदी सरकार का नौवां बजट है। इस साल का बजट आगामी लोकसभा चुनाव के साथ-साथ इस साल आठ से दस राज्यों के चुनाव को ध्यान में रखकर पेश किया गया है।
