अमरुद की नयी किस्म वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गयी

अमरुद की नयी किस्म वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गयी

सर्दियों के मौसम में अमरुद का फल मुख्य माना जाता है, जिससे सेहत भी फायदेमंद रहती है। अमरुद सेहत में लाभकारी होने के साथ साथ उसकी बागवानी भी सरल और लाभदायी साबित होती है।

ग्रामीण क्षेत्र में अमरुद के पेड़ ज्यादातर देखने मिलते हैं। इस फल की कीमत भी बहुत ही कम होती है और बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाता है, इस फल हर कोई सेवन कर सकता है। अमरुद की वैसे तो कई प्रकार की किस्म देहने मिल जाती है पर हाल ही में अमरुद की नयी प्रकार की किस्म काफी लोकप्रिय हो रही है।

आइयें जानते है अमरुद की नयी किस्म के बारे में

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने हाल ही में अमरुद की एक ख़ास किस्म को विकसित किया है, जिसको काले अमरुद के नाम से जाना जाता है। अमरुद की इस किस्म को सबसे ख़ास माना गया है, इसमें भरी मात्रा में पोषक तत्त्व पाए गए है जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है।

अमरुद की यह किस्म एंटी -एजिंग फैक्टर बढ़ती उम्र को रोकने में लाभदायी है जिसके सेवन से बुढ़ापे को लम्बे समय तक रोका जा सकता है।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने अमरुद की इस किस्म की पौध को २ से ३ साल पहले लगाया था जिसमें अब फल आने लगे हैं। अमरुद की यह किस्म व्यावसायिक खेती के लिए भी की जा सकेगी।

काले अमरुद आखिर क्यों हैं ख़ास

इस किस्म का फल रोग से लड़ने के लिए फायदेमंद है।
काले अमरुद में मिनरल्स, विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा पायी गयी है।
इस फल का गूदा अन्दर से लाल रंग का है।
इस फल में आयरन और कैल्शियम की मात्रा अधिक पायी गयी है, तथा शरीर में एनीमिया की शिकायत दूर होती है।

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