- समारोह का आयोजन सन २०२० और २०२१ दोनों वर्षों के लिए दो पद्म पुरस्कार समारोहों का आयोजन किया गया।
- पद्म पुरस्कार को तीन भाग में विभाजित किया गया हैं: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री
- पुरुस्कारों में पद्म विभूषण -७, पद्म भूषण- १६ और पद्म श्री – १२२ पुरुस्कार के लिए दिए गए हैं।
भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण पुरस्कार में देश के दिग्गज उद्योगपति एवं ट्रैक्टर निर्माता के चेयरमैन आनंद महिंद्रा को इस साल राष्ट्रपति- रामनाथ कोविंद ने कुछ दिन पहले ही पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। भव्य समारोह आयोजन राष्ट्रपति भवन में किया गया। सम्मानीय पुरुस्कार पाने के बाद आनंद महिंद्रा खुद को अयोग्य मान रहे हैं । उनकी कड़ी मेहनत एवं परिश्रम ने उनको सर्वश्रेष्ठ मुकाम पर पहुंचाया है।
पुरुस्कार से जुड़ी सूची में शामिल दिग्गज हस्तियां
देश की जानी मानी और बड़ी हस्तियों के आलावा कृषि अथवा जमीन से जुड़े लोगों को भी पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कुछ नामी हस्तियों की सूची में पद्म पुरस्कार पाने वालों में सुषमा स्वराज, कंगना रनौत, अरुण जेटली, जॉर्ज फर्नांडीस, मैरी कॉम,पीवी सिंधू ,आनंद महिन्द्रा, आदि रहीं। वहीं दूसरी ओर कुछ असाधारण कार्य करने वाले लोग जिन्होंने अपने क्षेत्र में कड़ी मेहनत और लगन से मुकाम हासिल किया है उनकी सूची इस प्रकार हैं: संतरा बेचने वाले हरेकला हजब्बा,अब्दुल जब्बार खान,साइकिल बनाने वाले मोहम्मद शरीफ, तुलसी गौड़ा, आदि नाम शामिल है।
उचाईयों तक पहुँचने वाले दिग्गज हस्ती ‘आनंद महिंद्रा’
महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने उद्योग क्षेत्र में पद्मा भूषण जैसे पुरुस्कार पाके योगदान हासिल किया हैं। आंनद महिंद्रा एक सफल व्यक्ति हैं तथा वह लोगों को सफल होने का मंत्र देते रहते हैं। उनकी सफलता के पीछे निरंतर मूलमंत्र निर्धारित किए हैं जैसे: उनका कहना है कि, जब तक आप सफल नहीं होते आपका हर दिन एक चुनौतीपूर्ण होना चाहिए। वे युवाओं के लिए प्रेरणा है। कठिन परिश्रम और लगन से आज आनंद महिंद्रा ने आज गौरवशील योगदान हासिल किया है।
गौरवशाली सम्मान को पाने के बाद आनंद महिंद्रा ने दी टिप्पणी
देश के जाने-माने उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने कहा है कि पद्म सम्मान पाने के काबिल नहीं है। उन्होंने कहा कि “सरकार ने पद्म पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के चयन मानक में व्यापक बदलाव किया है। अब, मुख्य रूप से जमीनी स्तर पर समाज के सुधार में मौलिक योगदान देने वाले व्यक्तियों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। मैं वास्तव में उस स्तर में खुद को शामिल होने के योग्य नहीं महसूस कर रहा हूं।” हालांकि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने उन्हें पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया है।