पीएम कुसुम योजना २०२४: खेत में सोलर पंप लगवाने पर भारी सब्सिडी देगी सरकार
पीएम कुसुम योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले सोलर पंप प्रदान करना है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार ३ करोड़ पेटोल और डीजल सिचाई पम्पो को सोर ऊर्जा पम्पो में बदलेगी। देश के जो किसान सिचाई पम्पो को डीज़ल या पेट्रोल की मदद से चलाते है, अब उन पंपों को इस कुसुम योजना के अंतर्गत सोर ऊर्जा से चलाया जायेगा। इस योजना के पहले चरण में देश के १.७५ लाख पंप जो डीजल और पेट्रोल से चलते है, उन्हें सोलर पैनल की सहायता से चलाया जायेगा।
कैसें करें पंजीकरण?
कुसुम योजना के अंतर्गत ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना हेतु तथा भूमि लीज पर देने हेतु आवेदन किया जा सकता है। वह सभी आवेदन कर्ता जिन्होंने अपनी भूमि लीज पर देने के लिए पंजीकरण करवाया है उनकी सूची आरआरईसी द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी। वे सभी नागरिक जो सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए भूमि लीज पर लेना चाहते हैं वह आवेदकों की सूची आरआरईसी की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते है जिसके पश्चात वह पंजीकृत आवेदकों से संपर्क करके संयंत्र लगाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
यदि आवेदक द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है तो आवेदक को एप्लीकेशन आईडी प्राप्त होगी। आवेदक को ऑनलाइन आवेदन की स्थिति में आवेदन पत्र के प्रिंट आउट को प्रिंट आउट अपने पास सुरक्षित रखना होगा। यदि आवेदक द्वारा ऑफलाइन आवेदन किया गया है तो आवेदक को एक रसीद दी जाएगी जो की आवेदक को संभाल कर रखनी होगी।
इस योजने के तहत पंजीकरण करनेमें तथा योजना का लाभ उठाने में अगर आपको कोई समस्या आ रही है। या इस विषय के बारेमें समुची जानकारी एवं मदद की अपेक्षा है, तो आजही अपने खेतीगाडी के विशेषज्ञ को ०७८७५११४४६६ पर अवश्य संपर्क करे अथवा connect@khetigaadi.com पर ईमेल लिखें
कुसुम योजना के कॉम्पोनेंट्स
कुसुम योजना के चार कॉम्पोनेंट है जो कि कुछ इस प्रकार हैं।
- सौर पंप वितरण: कुसुम योजना के प्रथम चरण के दौरान केंद्र सरकार के विभागों के साथ मिलकर बिजली विभाग, सौर ऊर्जा संचालित पंप के सफल वितरण करेगी।
- सौर ऊर्जा कारखाने का निर्माण: सौर ऊर्जा कारखानों का निर्माण किया जाएगा जोकि पर्याप्त मात्रा में बिजली का उत्पादन करने की क्षमता रखते हैं।
- ट्यूबवेल की स्थापना: सरकार द्वारा ट्यूबवेल की स्थापना की जाएगी जो कि कुछ निश्चित मात्रा में बिजली उत्पादन करेंगे।
- वर्तमान पंपों का आधुनिकरण: वर्तमान पंपों का आधुनिकरण भी किया जाएगा कथा पुराने पंपों को नए सौर पंपो से बदला जाएगा।
कौन होंगे कुसुम योजना के लाभार्थी?
- किसान
- किसानों का समूह
- सहकारी समितियां
- पंचायत
- किसान उत्पादक संगठन
- जल उपभोक्ता एसोसिएशन
कैसे मिलेगी सब्सिडी?
कुसुम योजना की एक खास बात यह है कि इस योजना के अंतर्गत प्लांट की कुल लागत का ३०% राशि केंद्र सरकार देगी, ३०% राशि राज्य सरकार देगी इसके अलावा ३०% राशि कृषि उपभोक्ताओं को लोन के रूप में नाबार्ड या अन्य बैटिंग संस्थान द्वारा फाइनेंस करवाए जाएंगे।
इसका मतलब यह है कि किसानों को केवल १०% राशि ही देनी होगी। इसके अलावा अतिरिक्त बिजली उत्पादन होने पर बची हुई बिजली को किसान द्वारा बेचा भी जा सकता है।
इस योजना के माध्यम से किसानों तक बिजली पहुंचेगी तथा बंजर जमीन से पैसे कमाए जा सकेंगे।
क्या है योजना का उद्देश्य?
जैसे की आप लोग जानते है कि भारत में कई ऐसे राज्य हैं, जहां सूखा पड़ता है। तथा वंहा खेती करने वाले किसानो की खेती को सूखे से नुकसान उठाना पड़ता है। इस बात पर ध्यान देते हुए केंद्र सरकार ने पीएम कुसुम योजना २०२४ को शुरू किया है इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के किसानो को मुफ्त में बिजली उपलब्ध करवाना | इस योजना के तहत किसानो को सिचाई के लिए सोलर पैनल की सुविधा प्रदान करना जैसे वह अपने खेतो कि अच्छे से सिचाई कर सके | इस कुसुम योजना २०२४ के ज़रिये किसान को दोहरा फायदा होगा और उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी | दूसरा यदि किसान अधिक बिजली बनाकर ग्रिड को भेजते है। तो उन्हें उसकी कीमत भी मिलेगी।
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