मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश की चेतावनी; चार से पांच दिन हल्की सर्दी  का अनुमान।
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मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश की चेतावनी; चार से पांच दिन हल्की सर्दी का अनुमान।

पिछले कुछ दिनों में मुंबई समेत इलाके के अधिकतम तापमान में पांच डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले चार से पांच दिनों तक राज्य में हल्की ठंड रहने का अनुमान जताया है।  बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते मध्य महाराष्ट्र  समेत मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश की चेतावनी दी गई है। 

मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में दो फरवरी तक शीतलहर जारी रहेगी।  मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक मध्य महाराष्ट्र में शीतलहर जैसी स्थिति बनने वाली है।  

मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई में न्यूनतम तापमान औसत से नीचे गिर सकता है। अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने की भी भविष्यवाणी की गई थी। साथ ही न्यूनतम तापमान में भी मामूली बढ़ोतरी होगी। हालांकि दिन के तापमान में आंशिक गिरावट की संभावना है।

मौसम विभाग ने राज्य के मराठवाड़ा और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसलिए किसानों को फसलों की उचित देखभाल करना आवश्यक है। अभी से बढ़ रही ठंड का असर फसलों पर पड़ रहा है। अगर दोबारा बारिश हुई तो फसलों को तगड़ा नुकसान होने की आशंका है। 

इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। नंदुरबार जिले के नवापुर तालुका में कुछ जगहों पर बेमौसम बारिश हुई है. बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। अचानक हुई बारिश के कारण पिछले बारह सप्ताह से बाजार में रौनक है।

प्रदेश में तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। कभी ठंड तो कभी बारिश हो रही है। इस मौसम का असर रबी सीजन की फसलों पर पड़ रहा है। अधिकांश क्षेत्रों में करपा रोग का प्रकोप बढ़ गया है और इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। साथ ही गेहूं, चना, मक्का की फसलें भी इस वातावरण से प्रभावित होंगी और उत्पादन घटने का अनुमान है। 

भारी बारिश और वापसी की बारिश ने पहले ही खरीफ सीजन में किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। लिहाजा किसानों की सारी उम्मीदें अब रबी सीजन की फसलों पर टिकी हैं। हालांकि किसान रबी फसलों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को लेकर चिंतित हैं।

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