पश्चिम  बंगाल सरकार ने ९.५ लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान की सूचि से बाहर करने पर केंद्र को लिखी चिट्ठी

पश्चिम बंगाल सरकार ने ९.५ लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान की सूचि से बाहर करने पर केंद्र को लिखी चिट्ठी

केंद्र सरकार द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि की शुरुवात किसानों की आर्थिक मदद करने के लिए की गयी थी। सरकार लभरतियों को सालाना ६ हज़ार रूपए की राशि तीन किश्तों में बैंक खातें में ट्रांसफर करती है।

सरकार का मकसद किसानों को लाभ प्रदान करना है परन्तु हाल ही में पश्चिम बंगाल की सरकार ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिख कर यह सवाल उठाये है की आखिर प्रदेश के साढ़े नौ लाख किसानों को पीएम किसान योजना की सूचि से बाहर क्यों किया गया है। यह जानकारी पश्चिम बंगाल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने किसानों के प्रति इस लाभ से वांछित किये जाने पर चिंता व्यक्त की है।

सूची से बाहर क्यों किया?

प्रदेश प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमें यह समझ नहीं आता राज्य से इतनी बड़ी संख्या में किसानों को इस योजना के लाभान्वितों की सूची से बाहर क्यों कर दिया गया है। हमने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर इस मामले में पर चिंता जताई है।’

तकनीकी गड़बड़ी

उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार की ओर से किसी तकनीकी गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ है। हम नहीं चाहते हैं कि हमारे किसान इससे प्रभावित हों और इसके लाभ से वंचित हों।’

उन्होंने कहा कि, “पश्चिम बंगाल सरकार ने इसके लिए ४४.८ लाख लाभान्वितों का नाम भेजा था लेकिन जिसमें से ९.५ लाख लोगों को छोड़ दिया गया है।”

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