लखनऊ, 14 अगस्त 2026: सोनालिका इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड (ITL) ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 25 एकड़ में अपना नया ग्लोबल R&D सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है। ITL R&D सेंटर को भविष्य की कृषि तकनीक और किसानों की जरूरतों पर आधारित इनोवेशन के लिए एक एडवांस्ड इंजीनियरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
कंपनी के अनुसार, यह निर्णय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ITL के प्रबंधन के बीच लखनऊ में हुई बैठक के बाद लिया गया। प्रस्तावित केंद्र ITL की रिसर्च, इंजीनियरिंग और कृषि इनोवेशन क्षमताओं को मजबूत करेगा।
ITL ने ग्रेटर नोएडा में R&D सेंटर की योजना क्यों बनाई?
नया ITL R&D सेंटर कंपनी की कृषि तकनीक और उत्पाद विकास रणनीति का हिस्सा है। ITL का लक्ष्य इंजीनियरिंग विशेषज्ञता को किसानों के व्यावहारिक अनुभव के साथ जोड़ना है।
इस केंद्र में भारतीय और वैश्विक बाजारों की जरूरतों के अनुसार उन्नत कृषि समाधान विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, यह सुविधा कंपनी के दीर्घकालिक इनोवेशन रोडमैप को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
ITL के अनुसार, प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सुविधा कंपनी की तीन दशक लंबी यात्रा में एक महत्वपूर्ण अगला कदम है। कंपनी ने कृषि क्षेत्र में तकनीक और आधुनिक मशीनरी के जरिए बदलाव लाने पर लगातार जोर दिया है।
नया ITL R&D सेंटर किसानों के लिए कैसे काम करेगा?
कंपनी के मुताबिक, केंद्र का मुख्य उद्देश्य किसानों की बदलती जरूरतों के अनुसार तकनीक विकसित करना होगा। इसके लिए रिसर्च, इंजीनियरिंग और फील्ड से मिलने वाली जानकारी को एक साथ जोड़ा जाएगा।
प्रस्तावित केंद्र में मुख्य रूप से इन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा सकता है:
- आधुनिक कृषि तकनीक का विकास
- किसान-केंद्रित इनोवेशन
- ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों की इंजीनियरिंग
- नए उत्पादों का रिसर्च और विकास
- भारतीय और वैश्विक बाजारों के लिए कृषि समाधान
- तकनीकी कौशल और इंजीनियरिंग क्षमता का विकास
इस तरह, ITL R&D सेंटर कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को विकसित करने और किसानों की उत्पादकता से जुड़ी जरूरतों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उत्तर प्रदेश को इससे क्या फायदा होगा?
ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित केंद्र उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और इनोवेशन इकोसिस्टम को भी मजबूत कर सकता है। ITL के अनुसार, इस परियोजना से उच्च-मूल्य इंजीनियरिंग, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, तकनीक आधारित औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से राज्य में कृषि, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ सकता है।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में बढ़ते टेक्नोलॉजी-आधारित निवेश के साथ भी जुड़ी हुई है। इससे राज्य में कृषि मशीनरी और इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
ITL के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर ने क्या कहा?
इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर रमन मित्तल ने कहा कि ग्रेटर नोएडा में नई 25 एकड़ की ग्लोबल R&D फैसिलिटी के लिए कंपनी का विजन साझा करना सम्मान की बात है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना कृषि इनोवेशन के अगले चरण को आकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रोत्साहन और नेतृत्व के लिए आभार भी जताया।
मित्तल के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य कृषि रिसर्च और इनोवेशन के लिए वैश्विक स्तर का संस्थान विकसित करना है। इसका उद्देश्य ऐसी तकनीक तैयार करना है, जो किसानों को सशक्त बनाए और खेती के भविष्य को बेहतर बनाने में मदद करे।
अब आगे क्या होगा?
प्रस्तावित ITL R&D सेंटर कंपनी की रिसर्च और इंजीनियरिंग क्षमताओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रेटर नोएडा में 25 एकड़ की यह सुविधा भविष्य की कृषि तकनीक और किसान-केंद्रित समाधानों के विकास पर ध्यान देगी।
आने वाले समय में यह केंद्र भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए कृषि समाधान विकसित करने में ITL की भूमिका को और मजबूत कर सकता है।
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