सोनालीका ट्रैक्टर: ‘जीतने का दम’ के 30 वर्ष – दूरदृष्टि, साहस और प्रतिबद्धता से निर्मित एक विरासत

सोनालीका ट्रैक्टर: ‘जीतने का दम’ के 30 वर्ष – दूरदृष्टि, साहस और प्रतिबद्धता से निर्मित एक विरासत

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सोनालीका ने असंभव भारतीय सफलता के शानदार 30 साल की पूरे कर लिए हैं – कैसे पंजाब के छोटे से शहर होशियारपुर के एक रिटायर्ड LIC प्रोफेशनल ने रिटायरमेंट के बाद की ‘जीतने का दम’ की भावना से सभी परंपराओं को चुनौती दी। दूरदर्शी सोच और अपने दो उत्साही बेटों की आजीवन प्रतिबद्धता द्वारा, उन्होंने 1.1 अरब डॉलर का विश्व स्तर पर सम्मानित ट्रैक्टर कंपनी खड़ी की, जो फॉर्च्यून 500 इंडिया की देश की 500 सबसे बड़ी कंपनियों की सूची में भी शामिल है।

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नई दिल्ली, 12 जनवरी 2026: भारत एक ऐसा राष्ट्र है जिसे दूरदर्शी लीडर्स का मार्गदर्शन मिला है, जिनकी बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता ने उद्योगों को रूपांतरित किया है और भारतीय उत्कृष्टता को वैश्विक मंच पर पहुंचाया है। सोनालीका ट्रैक्टर्स इसी भावना का सशक्त आधुनिक प्रतीक है और ब्रांड किसानों के साथ साझेदारी के 30 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है, जो ‘जीतने का दम’ के अटूट विश्वास से प्रेरित है।

सोनालीका की तीन दशकों की उल्लेखनीय यात्रा एक असंभव भारतीय सफलता की कहानी है – जिसकी शुरुआत होशियारपुर जैसे छोटे शहर से हुई और यह 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर के वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध ट्रैक्टर बिज़नेस में तब्दील हो गई। आज सोनालीका को भारत की सबसे बड़ी कंपनियों की फॉर्च्यून 500 सूची में भी स्थान प्राप्त है। साथ ही, सोनालीका भारत से ट्रैक्टर एक्सपोर्ट में नंबर 1 ब्रांड, भारत में तीसरा सबसे बड़ा ट्रैक्टर निर्माता और वैश्विक स्तर पर पांचवां सबसे बड़ा ट्रैक्टर ब्रांड है।

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सोनालीका की विरासत के दूरदर्शी निर्माता

Sonalika Tractor 30 Years of Trust

सोनालीका की कहानी एक परिवार के नेतृत्व वाली सोच है जो एक सरल लेकिन दमदार विश्वास पर आधारित है: भारतीय किसानों को और अधिक मिलना चाहिए – अधिक ताक़त, अधिक विश्वसनीयता, अधिक सम्मान और भारतीय परिस्थितियों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई तकनीक। एल आई सी से रिटायर होने के बाद, जब अधिकांश लोग आराम करना पसंद करते हैं, श्री एल. डी. मित्तल ने आगे बढ़ने का विकल्प चुना। भारत की कृषि क्षमता में उनका दृढ़ विश्वास उनके पुत्रों, डॉ. ए. एस. मित्तल और डॉ. दीपक मित्तल में भी झलकता था। उन्होंने मिलकर सोनालीका की नींव रखी – जो बोर्डरूम से परे, खेतों, कार्यशालाओं और किसानों की वास्तविकताओं के अनुसार बनी। यह यात्रा कृषि इम्प्लीमेंट से शुरू हुई, जहां सोनालीका के थ्रेशर ने भरोसे और प्रदर्शन को नई परिभाषा दी। किसानों ने विश्वास जताया और जल्द ही उसी दमदार ताक़त से निर्मित ट्रैक्टरों की मांग करने लगे।

ट्रैक्टरों के साथ ‘जीतने का दम’

1996 में, जब ट्रैक्टर उद्योग में एकरूपता का बोलबाला था, तब सोनालीका ने एक अलग राह चुनी। उन्नत आर एंड डी केंद्रों की कमी के बावजूद, कंपनी ने एक साहसिक संकल्प लिया: ट्रैक्टरों को भारत की विविध फसलों, मिट्टी और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाएगा। जहाँ अन्य कंपनियां बाज़ार के लिए ट्रैक्टर बनाती थीं, वहीं सोनालीका किसानों के लिए ट्रैक्टर बनाती रही।

किसान-प्रथम की इस विचारधारा और ऋणमुक्त रहने के दृढ़ निश्चय ने सोनालीका के मूल सिद्धांतों को आकार दिया। मित्तल परिवार का मानना था कि भारतीय किसान एक वर्ग नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों, जलवायु, संस्कृतियों और आकांक्षाओं वाला एक समूह हैं। सोनालीका की इंजीनियरिंग और विश्वसनीयता इतनी सशक्त है कि कंपनी द्वारा 30 वर्ष पूर्व निर्मित पहला ट्रैक्टर आज भी इंजन के पहले ही क्रैंक में आसानी से स्टार्ट हो जाता है – जो अटूट विश्वास का जीता-जागता प्रतीक है।

दम से निर्माण

हैवी-ड्यूटी, अनुकूलित ट्रैक्टरों की बढ़ती मांग के कारण, विक्रेताओं ने कम उत्पादन मात्रा के चलते शुरुआत में संशोधन करने में हिचकिचाहट दिखाई। वाइस चेयरमैन डॉ. ए.एस. मित्तल के नेतृत्व में, सोनालीका ने 2011 से ही इंजन, ट्रांसमिशन, गियरबॉक्स, शीट मेटल और प्रमुख पार्ट्स का आंतरिक निर्माण करके इस चुनौती का समाधान किया।

इस वर्टिकल इंटीग्रेशन ने सोनालीका को उच्च हॉर्स पावर वाले ट्रैक्टरों का निर्माण करने और प्रवेश स्तर के मॉडलों में बड़ा इंजन, पावर स्टीयरिंग, ऑयल-इमर्स्ड ब्रेक और मल्टी-स्पीड ट्रांसमिशन जैसे फीचर को शामिल करने में सक्षम बनाया। ब्रांड ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए क्षेत्र-विशिष्ट अनुकूलित ट्रैक्टर लॉन्च किए: जिसमें भारत के दक्षिणी क्षेत्रों के लिए महाबली, महाराष्ट्र के लिए छत्रपति और राजस्थान के लिए महाराजा शामिल है एवं  70 से अधिक कृषि उपकरणों की एक ज़बरदस्त श्रृंखला भी तैयार की। 

वैश्विक सफलता

बढ़ती मांग को देखते हुए, सोनालीका ने अपने होशियारपुर प्लांट की उत्पादन क्षमता को 50,000 ट्रैक्टर से बढ़ाकर 1 लाख ट्रैक्टर प्रति वर्ष कर दिया। लेकिन मित्तल परिवार की परिकल्पना इससे भी कहीं बड़ी थी। 2017 में, सोनालीका ने विश्व के सबसे बड़े पूर्णतः एकीकृत ट्रैक्टर निर्माण प्लांट की स्थापना की, जो रोबोटिक और ऑटोमेटेड, मल्टी-फ्लेक्स असेंबली लाइनों के माध्यम से हर दो मिनट में एक ट्रैक्टर का उत्पादन करने में सक्षम है।

आज, सोनालीका 20-120 एच पी रेंज में 2,000 से अधिक मॉडल विकसित करती है, जो घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों की ज़रूरतों को पूरा करते हैं। कंपनी ने होशियारपुर के आसपास एक समृद्ध एम एस एमई इकोसिस्टम को भी बढ़ावा दिया है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हुआ है और एक वैश्विक औद्योगिक केंद्र का निर्माण हुआ है।

सोनालीका का बड़ा डीलर और सर्विस नेटवर्क भी उतना ही महत्वपूर्ण रहा है-जो साझा समृद्धि, क्षमता विकास और बिक्री के बाद उत्कृष्ट सेवा पर आधारित है तथा खरीद से लेकर लाइफसाइकिल सेवा तक किसानों को निर्बाध सहायता सुनिश्चित करता है।

भारत से ट्रैक्टर एक्सपोर्ट में नंबर 1 ब्रांड

मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दीपक मित्तल के नेतृत्व में, सोनालीका की अनुकूलनशीलता की नीति ने वैश्विक स्तर पर विस्तार किया। कंपनी ने 2004 में अपना पहला ट्रैक्टर निर्यात किया, 2011 में यूरोप को ट्रैक्टर निर्यात करने वाला पहला भारतीय ब्रांड बना और एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और अन्य देशों में लगातार विस्तार किया।

वित्त वर्ष 2019 में, सोनालीका भारत से ट्रैक्टर एक्सपोर्ट में नंबर 1 ब्रांड बनकर उभरा, और लगातार सात वर्षों से इस स्थान पर बना हुआ है। आज, 30% की ज़बरदस्त एक्सपोर्ट मार्किट शेयर के साथ, भारत से निर्यात होने वाले प्रत्येक तीसरे ट्रैक्टर का निर्माण सोनालीका के होशियारपुर प्लांट में होता है, जो 150 से अधिक देशों में फैले छह अंतरराष्ट्रीय असेंबली प्लांट को सी के डी किट द्वारा आपूर्ति भी करता है, और 15 से अधिक बाजारों में प्रमुख ब्रांड बना हुआ है।

पारदर्शिता की दिशा में प्रमुख

भारत से ट्रैक्टर एक्सपोर्ट में नंबर 1 ब्रांड के रूप में सोनालीका तरक्की के साथ-साथ,अपने मूल्यों पर हमेशा अडिग रहा है। श्री मित्तल के मूल्यों से प्रेरित होकर, सोनालीका ने भारतीय कृषि में पारदर्शिता के एक नए युग की शुरुआत की। 2022 में अपनी वेबसाइट पर ट्रैक्टर की कीमतें प्रदर्शित करके और 2025 में ट्रैक्टर सर्विस ख़र्च का खुलासा करके, कंपनी भारत में पारदर्शिता का उदाहरण पेश करने वाली पहली ट्रैक्टर कंपनी बनकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है – इसने द्वारा कंपनी ने किसानों के बीच अपना विश्वास और मज़बूत किया है।

भविष्य की ओर अग्रसर

सोनालीका अपने अगले युग में प्रवेश कर रहा है, और इसके संस्थापकों की समझदारी, मूल्य और विश्वासों से प्रेरित नेतृत्व की एक नई पीढ़ी भविष्य को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 3 लाख ट्रैक्टर प्रति वर्ष करने के लिए तैयार है, जिससे सोनालीका एकीकृत पैमाने पर उत्पादन करने वाले चुनिंदा वैश्विक निर्माताओं में से एक बन जाएगी।

उत्पादों के अलावा, सोनालीका डिजिटल प्लेटफॉर्म, कनेक्टेड डायग्नोस्टिक्स और व्यक्तिगत खुदरा सहभागिता के माध्यम से किसानों के अनुभव को बदल रही है – हर संपर्क बिंदु पर एक निर्बाध समाधान इकोसिस्टम का निर्माण कर रही है।

मज़बूत नेतृत्व, संस्थागत अखंडता और किसान-प्रथम सोच के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ, सोनालीका के अगले 30 वर्ष वैश्विक नेतृत्व, तकनीकी उन्नति और दुनिया भर के किसानों को ‘जीतने का दम’ पहुंचाने की निरंतर विरासत का वादा करते हैं।

सोनालीका ट्रैक्टर्स के बारे में

1996 में स्थापित, सोनालीका ट्रैक्टर्स भारत से ट्रैक्टर एक्सपोर्ट में नंबर 1 ब्रांड और देश के अग्रणी प्रमुख ट्रैक्टर ब्रांडों में से एक है। ‘जीतने का दम’ से प्रेरित होकर, सोनालीका ने पंजाब के होशियारपुर से इम्पॉसिबल इंडियन सक्सेस स्टोरीका रूप धारण किया है, जिसे वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त है और 150 से अधिक देशों में इसकी उपस्थिति है।

सोनालीका विश्व के सबसे बड़े एकीकृत ट्रैक्टर प्लांट का संचालन करता है, जो विभिन्न कृषि कामों और परिस्थितियों के लिए डिज़ाइन किए गए उच्च-प्रदर्शन वाले ट्रैक्टरों का उत्पादन करता है। कंपनी भारत की शीर्ष 500 कंपनियों में से एक है और इसे मैन्युफैक्चरिंग उत्कृष्टता, तकनीकी नेतृत्व और किसान-प्रथम दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। यह ब्रांड ट्रैक्टर उद्योग में किसानों के लिए मूल्य पारदर्शिता लाने में प्रमुख है, जिसके तहत इसके द्वारा ट्रैक्टर की कीमतों और सर्विस ख़र्च को सार्वजनिक रूप से अपनी वेबसाइट पर घोषित किया गया है। सोनालीका 2026 में किसानों को सशक्त बनाने, ग्रामीण समृद्धि को मज़बूत करने और वैश्विक कृषि मशीनीकरण क्षेत्र में भारत के नेतृत्व को बढ़ाने के 30 गौरवशाली वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है।

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