कस्टम हायरिंग केंद्रों से खेती में क्रांति
कृषि विभाग किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के तहत उन्नत कृषि यंत्रों पर अनुदान प्रदान करता है। इन यंत्रों के उपयोग से किसानों की मजदूरों पर निर्भरता घटती है और वे समय पर खेती से जुड़े कार्य पूरे कर पाते हैं। इसी क्रम में, मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में बीते एक वर्ष में कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने 5 किसानों को कस्टम हायरिंग योजना और 285 किसानों को ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत लाभ प्रदान किया है।
कस्टम हायरिंग केंद्र पर मिलने वाला अनुदान
कृषि अभियांत्रिकी खरगोन के अधिकारियों के अनुसार, कस्टम हायरिंग योजना के तहत 10 से 25 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट पर वास्तविक लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। पिछले एक साल में इस योजना के तहत जिले के 5 किसानों को लाभ पहुंचाया गया है। लाभार्थी किसान उन्नत कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराकर अन्य किसानों को मदद पहुंचा रहे हैं। यह न केवल उन्नत यंत्रों का लाभ प्रदान कर रहा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।
कृषि यंत्रों पर मिलने वाला अनुदान
मध्य प्रदेश में ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला किसानों को यंत्र की कीमत का 50 प्रतिशत अनुदान मिलता है, जबकि अन्य किसानों के लिए यह लाभ 40 प्रतिशत तक सीमित है। बीते वर्ष इस योजना के तहत खरगोन जिले के 285 किसानों को सहायता दी गई है।
इन योजनाओं से किसानों को न केवल खेती में सहूलियत हो रही है, बल्कि उनकी उत्पादकता और आय में भी वृद्धि हो रही है।
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