सोलर पम्प पर सब्सिडी: केंद्र और राज्य सरकार ने किसानों को खेतों में सोलर पम्प (Solar Pump) लगाने पर 60% और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए राज्य सहायता के रूप में 45,000 रुपये का प्रति किसान अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जाता है।
सोलर पंप पर सब्सिडी: राजस्थान के किसानों के लिए खुशखबरी है। भजनलाल सरकार द्वारा पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत, राज्य के किसानों को सोलर पंप पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता पर निर्भरता से मुक्ति मिलेगी। सोलर पंप के लिए लगभग 50,000 किसानों ने आवेदन किया है।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के आतिथ्य में पीएम कुसुम सौर पंप संयंत्र स्वीकृति-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री और कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोडी लाल ने समारोह में लगभग 500 किसानों को राज्य कृषि प्रबंध संस्थान में बुलाया है, जिन्हें स्वीकृति-पत्र मिलेगा।
किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके लिए केन्द्र और राज्य सरकारें किसानों को खेतों में सोलर पम्प (Solar Pump) लगाने पर 60% तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए राज्य से 45,000 रुपये का प्रति किसान अतिरिक्त अनुदान प्रदान करती हैं।
50 हजार किसानों को मिलेगा Solar Pump:
Solar Pumps के लिए लगभग 50 हजार किसानों को अनुमति दी गई है, जिसमें 1830 करोड़ रुपये का खर्च होगा।इस खर्च में से किसानों को 908 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में देंगे।सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना से लगभग 200 मेगावाट तक बिजली उत्पादित हो सकेगी ।
भारत सरकार की इस पहल का ही परिणाम है कि प्रदेश के किसान सौर पम्प (Solar Pump) लगाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं, जिससे कि वे कृषि विद्युत कनेक्शन, डीजल चलित संयंत्रों और अन्य वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहने की बजाय सौर पंपों का उपयोग कर सकें। सौर पंपों का खेतों में सिंचाई के लिए उपयोग होने से किसानों की बिजली पर निर्भरता कम हुई है, साथ ही सोलर पावर (Solar Power) के उपयोग को भी बढ़ावा मिल रहा है जो कि ग्रीन एनर्जी का एक अहम रूप है।

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