मोदी सरकार यह दवा कराती है की पिछले १० सालो में कच्चे जुट की एमएसपी पर १२२ 122 प्रतिशत की गयी है ।2024-25 सीजन में कच्चे जूट का एमएसपी 5,335 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जो की टीडीएन-3, पहले के टीडी-5 श्रेणी के बराबर है ।
लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने देश के किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 2024-25 सीज़न के लिए कच्चे जूट के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसमें 285 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। यह निर्णय फरवरी में गन्ने की एफआरपी यानी उचित और लाभकारी मूल्य में वृद्धि के एलान के बाद हुआ है।
122 प्रतिशत बढा 10 सालों में कच्चे जूट की एमएसपी
मोदी सरकार द्वारा दावा किया गया है कि पिछले 10 सालों के दौरान कच्चे जूट की एमएसपी में 122 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कच्चे जूट(टीडीएन-3, पहले के टीडी-5 श्रेणी के बराबर) एमएसपी 2024–25 सीजन के लिए 5,335 रुपये/क्विंटल है। इससे उत्पादन की कुल भारतीय भारित औसत लागत पर 64.8% का रिटर्न मिलेगा। 2024-25 सीजन के लिए कच्चे जूट का एमएसपी सरकार द्वारा बजट 2018-19 में घोषित उत्पादन की अखिल भारतीय भारित औसत लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर निर्धारित करने के सिद्धांत से मेल खाता है।
पिछले सीजन से 285 रुपये प्रति क्विंटल अधिक
केंद्र सरकार ने कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार, 2024-25 सीजन के लिए कच्चे जूट के लिए एमएसपी में पिछले सीजन की तुलना में 285 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। पिछले 10 वर्षों के दौरान, सरकार ने 122 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए कच्चे जूट के लिए एमएसपी को 2014-15 में 2,400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2024-25 में 5,335 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। सरकार को किसानों की एमएसपी गारंटी की मांग के बीच यह बताने की कोशिश है कि इस नए निर्णय से किसानों को सीधा फायदा हो रहा है।
वर्तमान सीजन 2023-24 में, सरकार ने 524.32 करोड़ रुपये की लागत से 6.24 लाख गांठ से अधिक कच्चे जूट खरीदा है। 180 किलो जूट एक गांठ में होता है। इससे लगभग 1.65 लाख किसानों को लाभ हुआ है।

अधिक जानकारी के लिए डाउनलोड कीजिए खेतिगाडी ऍप.
