Published 12 April, 2025
योजना के तहत ड्रोन की लागत पर 80% (अधिकतम ₹8 लाख) तक की सब्सिडी दी जाती है। बाकी 20% राशि के लिए AIF के माध्यम से 3% रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे SHGs पर आर्थिक बोझ कम होता है।
हर SHG से एक सदस्य को 15 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाता है—5 दिन ड्रोन पायलट ट्रेनिंग और 10 दिन कृषि उपयोग पर फोकस। यह प्रशिक्षण महिलाओं को ड्रोन तकनीक में दक्ष बनाकर उन्हें कृषि कार्यों में सक्षम बनाता है।
ड्रोन सभी जरूरी उपकरणों, 1 साल की वारंटी और 2 साल की मेंटेनेंस सहायता के साथ मिलते हैं, जिससे SHGs निर्बाध सेवाएं दे सकें। साथ ही, ड्रोन पोर्टल (MIS) के जरिए रियल-टाइम निगरानी से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
योजना महिला उद्यमिता को बढ़ावा देती है, सटीक कृषि को प्रोत्साहित करती है और ग्रामीण भारत को टिकाऊ रूप से आधुनिक बनाती है। ड्रोन तकनीक से महिलाएं कृषि में अहम भूमिका निभाकर अपनी सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकती हैं।