बजट 2021 में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पंचवार्षिक योजना की घोषणा की जा सकती है

Published on May 18, 2021

बजट 2021 में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पंचवार्षिक योजना की घोषणा की जा सकती है

भारत सरकार  अगले सप्ताह के संघीय बजट में 10 अरब डॉलर के महंगे वनस्पति तेल के आयात में कटौती करने के लिए पंचवार्षिक योजना की घोषणा करने की संभावना है,ऐसा  तीन  वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा। भारत में खाना पकाने के तेल के सबसे बड़े खरीदार भारत में उच्च तिलहन उत्पादन, ब्राजील, अर्जेंटीना, से सोया तेल और सूरजमुखी तेल खरीद में कटौती करेगा और मलेशिया और इंडोनेशिया से ताड़ के तेल के आयात में कटौती करेगा  

"भारत जैसा  एक देश खाद्य तेल के आयात पर इतना अधिक निर्भर होने का जोखिम नहीं उठा सकता है, और इसीलिए आनेवाले  बजट में आपको घरेलू तिलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रयास करना होगा ।" एक अधिकारी ने कहा  

अधिकारी ने कहा कि सरकार ने पहले ही एक महत्वाकांक्षी पंचवर्षीय योजन को  शुरू कर दिया है, जिसका लक्ष्य देश के 30 मिलियन टन तिलहन उत्पादन को बढ़ाकर से 47 मिलियन टन से अधिक करना है।

उन्होंने कहा कि बजट में 180 बिलियन से 200 बिलियन रुपये का बजट की संभावना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्तीय 2021-22 के बजट को 1 फरवरी को पेश करने के लिए तैयार हैं।

To Download Khetigaadi Mobile Application Click Here

तिलहनों की उत्पादन के ओर एक कदम भारत के गेहूं और चावल के  उत्पादन को भी कम करेगा और खाद्यान्न खरीद कार्यक्रम पर प्रभावी ढंग से अरबों डॉलर की सब्सिडी छोड़ेगा, जिससे किसानों को डर है कि सरकार के नए कृषि कानूनों के रोलआउट के बाद नई दिल्ली बंद करना चाहती है।

हजारों किसान नई दिल्ली के सीमाओं पर महीनों से नए कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वे कहते हैं कि उत्पादकों की कीमत पर बड़े निजी खरीदारों की मदद करते हैं।

भारत का वनस्पति तेल आयात, कच्चे तेल और सोने के बाद तीसरी सबसे बड़ी आयात वस्तु है, जो दो दशक पहले 4 मिलियन टन से 15 मिलियन टन हो गई है।

व्यापार का अनुमान है कि  वनस्पति तेल का आयात 2030 तक 20 मिलियन टन तक पहुंच सकता है, जो कि  बढ़ती आय और करी और गहरे तले हुए भोजन के लिए बढ़ती भूख के साथ आबादी द्वारा बढ़ाया गया।

सरकार ने किसानों को प्रोत्साहित किया, विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों चावल और गेहूं से सूर्यफुल और रापसीड करने के लिए प्रोत्साहित किया, एक दूसरे अधिकारी ने कहा।

To Download Khetigaadi Mobile Application Click Here

उन्होंने कहा, "किसान तिलहन में तब तक नहीं जाएंगे जब तक कि उन्हें किसी भी संभावित नुकसान की भरपाई न हो जाए, और इसीलिए सरकार की योजना है कि उन उत्पादनों के लिए प्रति हेक्टेयर सब्सिडी दी जाए," उन्होंने कहा।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि तिलहनों की पैदावार मुख्य रूप से  वर्षा आधारित क्षेत्रों में की जाती है, लेकिन पंजाब और हरियाणा जैसे राज्य जहा सिंचाई अधिक है वहा अधिक पैदावार की उम्मीद की जा सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने  कहा ।

यदि इस योजना को सफलतापूर्वक लागू किया जाता है, तो ये नयी योजना भारत को अपने खाद्य तेल संस्करणों को 10 मिलियन टन से थोड़ा अधिक से 18 मिलियन टन तक बढ़ाने में मदद करेगा, अधिकारियों ने कहा।

ट्रैक्टर और कृषि उपकरण के बारे में अधिक जानकारी के लिए डाउनलोड करें खेतिगाडी मोबाइल एप्लिकेशन - 

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.khetigaadi&hl=en_US

अगर आप ट्रैक्टर, कृषि उपकरण , कृषि समाचार, ट्रैक्टर उद्योग समाचार, सरकारी योजनाएं, ट्रैक्टर टायर , आदि के बारे में संपूर्ण जानकारी चाहते है तो तुंरत डाउनलोड करे  खेतिगाडी मोबाइल एप्लिकेशन। KhetiGaadi.com दुनिया का पहला और एकमात्र  प्लेटफार्म है जो  कृषि यंत्रीकरण ,उपकरण के साथ ट्रैक्टर खरीदने, बेचने और रेंट पर ट्रेक्टर लेने  लिए  के लिए किसानों की सहायता करता है |

 

 

 

Ad
ad

Published by
Khetigaadi Team

Similar News

Quick Links

Ad
ad
Get Tractor Price
×
KhetiGaadi Web App
KhetiGaadi Web App

0 MB Storage, 2x faster experience