कर्नाटक और महाराष्ट्र में अरहर दाल की कीमतें 100 रुपये प्रति किलो के पार

Published on Oct 22, 2020

कर्नाटक और महाराष्ट्र में अरहर दाल की कीमतें 100 रुपये प्रति किलो के पार

तुअरदाल की कीमतोंमें लगातार तेजीजारी है, जिसनेकर्नाटक और महाराष्ट्रमें मिल गेट पर 100 रुपयेकिलो का आंकड़ाछू लिया है।उद्योग ने मांग की हैकि सरकारी एजेंसीनेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (नेफेड) को आपूर्तिमें आसानी केलिए अपना स्टॉकजारी करना चाहिए।तंगआपूर्ति के मुकाबलेमांग मजबूत बनीहुई है। जबकिव्यापार ने 2020-21 केलिए आयात कोटाजारी करने की मांग कीहै, सरकार कामानना ​​है कि आपूर्ति की स्थितिआरामदायक है क्योंकियह अभी से तीन महीनेकी बंपर खरीफफसल की उम्मीदकरती है।

महाराष्ट्रस्थित पल्स प्रोसेसरनितिन कलेंट्री नेकहा, लॉकडाउन केदौरान अरहर की कीमतें 90 रुपये / किलोग्रामतक बढ़ गईं, जो बाद में 82 रुपये / किलोग्राम तक सही हो गईं।हालांकि, अब उन्होंनेफिर से ऊपर की ओरसर्पिलिंग शुरू करदी है। दाल की कीमतोंमें अक्टूबर केबाद शूट होनेकी संभावना है।त्योहारी सीजन कीमांग के कारण दालों कीमांग में तेजीआई है। व्यापारियोंको डर है कि कर्नाटकमें अरहर की फसल कोभारी वर्षा केकारण उपज में 10% का नुकसान होगा।यहउम्मीद की जाती है किजब तक नई फसल नहींआएगी, तब तक यह सूचीकड़ी रहेगी, क्योंकिपिछले 3 से 4 वर्षोंमें व्यापार औरसरकार की अतिरिक्तसूची सूख गई है।दलहन आयातकों ने 2010-21 के लिए तुअरके लिए आयातकोटा जारी करनेकी मांग की है।

सरकारने अप्रैल में 4 लाख टन तुअर के आयातकोटा की घोषणाकी थी, जिसेअभी तक आवंटितनहीं किया गयाहै। इसमें से 2 लाख टन तुअर को मोजाम्बिकसे आना था। आयात कोटाअब जारी कियाजाना चाहिए थाताकि आयात हो सके। नवंबरसे पहले आतेहैं, दिसंबर सेशुरू होने वालीस्थानीय फसलों कीकटाई के साथ नहीं। विश्वबाजारों में अरहरकी उपलब्धता कमहै क्योंकि भारतके घरेलू उत्पादनमें वृद्धि केबाद अंतर्राष्ट्रीय किसानोंने अरहर से दूसरी फसलोंको  स्थानांतरितकर दिया है।

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Khetigaadi Team

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